डीटीआर के उपनिदेशक वी. के. सिंह ने आज यहां भाषा को बताया कि दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य और कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार को खुद में समेटे दुधवा बाघ अभयारण्य के दरवाजे कल सुबह साढ़े छह बजे दुनियाभर के पर्यटकों के लिये खोल दिये जाएंगे। पहले दिन पर्यटकों का प्रवेश मुफ्त होगा।
गौरतलब है कि डीटीआर पर्यटकों के लिये हर साल 15 नवम्बर से खुलता है और 14 अप्रैल को बंद कर दिया जाता है।
सिंह ने बताया कि डीटीआर के नये सत्र में पर्यटकों को जंगल की सैर का पूरा आनन्द दिलाने के लिये कुछ नया करने की कोशिश की गयी है। पर्यटकों को अभयारण्य के अंदर ले जाने के लिये 14 जिप्सी और दो कांटर कैब का इंतजाम किया गया है, क्योंकि इस साल से अभयारण्य में निजी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी होगी ताकि जंगल का अनुशासन बना रहे और जानवरों को कोई तकलीफ ना हो।
उन्होंने बताया कि हर पर्यटक दल के साथ एक गाइड भेजा जाएगा जो उन्हें अभयारण्य के बारे में पूरी जानकारी देगा। स्थानीय निवासियों को गाइड के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। अब तक 30 गाइड नियुक्त किये जा चुके हैं।
सिंह ने बताया कि दुधवा के इतिहास में पहली बार महिला गाइड नियुक्त की गयी हैं। जंगल में रहने वाली जनजातियों की महिलाएं जंगल और उसमें रहने वाले जीवों के परिवेश से बेहतर ढंग से वाकिफ होती हैं।
दुधवा बाघ अभयारण्य अपनी प्राकृतिक सम्पदा के लिये पूरी दुनिया में मशहूर है। इसमें 120 बाघों, 32 गैंडे, 423 प्रजातियों के परिन्दों और बड़ी संख्या में हिरणों का वास है।
भाषा सं. सलीम गोस्वामी