आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकार का फैसला मुख्य सचिव जे के महापात्र की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में किया गया। इसमें केंद्र सरकार, विश्व बैंक और एडीबी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
तटीय क्षेत्रों में आवास के उद्देश्य के लिए विश्व बैंक से धन लेने और चक्रवात के खतरे से मुक्त बिजली की आधारभूत संरचना के लिए एडीबी से धन लेने का प्रस्ताव रखा गया।
हाल में आए चक्रवातीय तूफान फैलिन के कारण लाखों मकानों और तटीय क्षेत्र में बिजली की आधारभूत संरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने के मद्देनजर राज्य सरकार ने तट से पांच किलोमीटर के भीतर पक्का मकान बनाने, हवा से सुरक्षित बिजली की आधारभूत संरचना स्थापित करने, तटों पर संवेदनशील स्थानों पर तटबंध बनाने और झुग्गियों के विकास और पौधरोपण के लिए बाहरी सहायता मांगने का प्रस्ताव रखा गया।