वावरिंका को 7-6 : 7-5 :, 7-6 : 8-6 : से हराने वाले नडाल ने कहा कि चोटों के कारण सात महीने तक बाहर रहने के बाद विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर वापसी करना उनके करियर की बहुत बड़ी उपलब्धि रही। केवल 12 महीने पहले नडाल मनाकोर में अपने घर में बैठकर टेलीविजन पर यह टूर्नामेंट देख रहे थे और उन्हें लग रहा था कि घुटने की चोट के कारण शायद वह आगे इसमें नहीं खेल पाएंगे।
लेकिन फरवरी में एटीपी टूर में वापसी के बाद उन्होंने जल्द ही अपनी जीवंत उपस्थिति दर्ज करा दी। नडाल ने फ्रेंच और अमेरिकी ओपन के अलावा आठ टूर्नामेंट जीते और नोवाक जोकोविच से फिर से नंबर एक स्थान हासिल किया। लंदन आने से पहले उन्हें पता था कि यदि वह गु्रप ए में दो मैच जीत लेते हैं तो फिर यह सुनिश्चित हो जाएगा कि वह 2013 का अंत नंबर एक पर रहकर करेंगे। नडाल ने पहले डेविड फेरर और फिर वावरिंका को हराया।
नडाल ने कहा, पूरे सत्र में मैं कहता रहा कि सत्र के आखिर में शीर्ष पर पहुंचना मेरा लक्ष्य नहीं है लेकिन इस पूरे सत्र में सफलता के बाद मुझे लगता है कि मैं इसका हकदार हूं और आज मैंने यह कर दिखाया। यह मेरे करियर की बड़ी उपलब्धि है। मैंने तीन सत्र बाद नंबर एक स्थान हासिल किया है।
इस बीच ग्रुप ए के ही एक अन्य मैच में चेक गणराज्य के पांचवीं वरीय टामस बर्डिच ने स्पेन के तीसरे वरीय डेविड फेरर को 6-4, 6-4 से हराया।