दलाल ने आज से 40 वर्ष पहले पाक कला की दुनिया में कदम रखा था। उस समय भारत के ज्यादातर हिस्सों में टेलीविजन ने दस्तक भी नहीं दी थी। उन्होंने पाक कला से जुड़ी सौ से भी अधिक किताबें लिखी और वर्ष 2007 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
भारत की इस पहली मास्टरशेफ ने अपने पाक कला कार्यक्रमों के जरिए लोगों के दिलों में एक खास मुकाम हासिल कर लिया था।
तरला दलाल के फेसबुक पन्ने पर एक संदेश है, जिसमें कहा गया है, श्रीमती तरला दलाल के वर्षों के करियर में आपके स्नेह और सहयोग के लिए हम आपका शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। वह अब हमारे साथ नहीं रहीं, उनका आज तड़के निधन हो गया। उनकी प्रतिभा ने हमें और हमारे परिवारों को जो खुशियां दी हैं, उसके लिए हम उनको धन्यवाद देते हैं।
खाना खजाना से मशहूर हुए मास्टर शेफ संजीव कपूर ने उनके निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीटीआई से कहा, तरला दलाल पाक कला को लोकप्रिय बनाने वाली पहली महिला थी। यह बहुत बड़ी क्षति है।