आडवाणी ने अपने ब्लॉग की नयी पोस्टिंग में एम. के. के. नायर की पुस्तक द स्टोरी ऑफ एन एरा टोल्ड विदआउट इल विल का उद्धरण दिया। इस किताब में हैदराबाद के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से पहले हुई कैबिनेट की बैठक में नेहरू और पटेल के बीच हुए तीखे वार्तालाप का जिक्र किया गया है।
हैदराबाद का निजाम पाकिस्तान में शामिल होना चाहता था और उसने पड़ोसी देश में एक दूत भी भेजा था तथा उसने वहां की सरकार को काफी धन भी हस्तांतरित किया था।
निजाम के अधिकारी स्थानीय लोगों पर कथित रूप से अत्याचार कर रहे थे।
आडवाणी ने नायर की किताब के हवाले से लिखा, कैबिनेट की एक बैठक में पटेल ने इन बातों के बारे में बताया और मांग की कि हैदराबाद के आतंक भरे शासन को समाप्त करने के लिए सेना भेजी जाए। आम तौर पर विनम्रता और शिष्टाचार के साथ बात करने वाले नेहरू ने आपा खोते हुए कहा था, आप पूरी तरह से साम्प्रदायिक हैं। मैं आपकी सिफारिश को कभी नहीं मानूंगा।...