बेलकासेम फ्रांस सरकार की प्रवक्ता भी हैं। उन्हांेने कहा कि भारत मंे परिचालन कर रही सभी फ्रांसीसी कंपनियां यहां के कानून का सम्मान करती हैं। उन्हांेने कहा कि फ्रांस देश मंे उर्जा सुरक्षा की महत्वपूर्ण चुनौती के लिए एक टिकने वाला तकनीकी समाधान चाहता है।
वालौद बेलकासेम ने प्रेट्र से साक्षात्कार मंे कहा, हमने करार पर वार्ताआंे मंे इसे शामिल करवाने के लिए भारतीय अधिकारियांे के साथ इस कानून के प्रभावांे पर बातचीत की है।
असैन्य परमाणु करार भारत-फ्रांस रणनीतिक सहयोग के तहत प्रमुख स्तंभ है। द्विपक्षीय करार के तहत फ्रांसीसी परमाणु कंपनी अरेवा जैतापुर संयंत्र के लिए छह यूरोपियन प्रेशराइज्ड रिएक्टरांे और उनके लिए 25 साल के लिए परमाणु ईंधन की आपूर्ति करने वाली है।
हालांकि, भारत के परमाणु सिविल दायित्व कानून के तहत दुर्घटना का शिकार होने वाले लोगांे को संयंत्र आपूर्तिकर्ता कंपनी से दुर्घटना की स्थिति मंे मुआवजा मांगने का अधिकार दिया गया है। यह फ्रांस और अमेरिका सहित अन्य विदेशी आपूर्तिकर्ताआंे के लिए चिंता का विषय है।
अरबांे डालर के राफेल लड़ाकू विमान सौदे के बारे मंे पूछे जाने पर उन्हांेेने कहा कि इस पर बातचीत चल रही है। मुझे विश्वास है कि हमारे भारतीय भागीदार राफेल से संतुष्ट होंगे, जो दुनिया का सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान है।