भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो :एसीबी: ने इस बात की जानकारी दी।
ठाणे रेंज के पुलिस उपाधीक्षक :एसीबी: संदीप कार्णिक ने बताया कि कारजात तहसील के तहसीलदार युवराज भंागर ने कथित तौर पर विनीत शिरमडे से दस लाख रूपए की मांग की थी जो उत्खनन का काम करता था ा
तहसीलदार ने उसे अधिक खुदाई करने और राजस्व नहीं चुकाने को लेकर नोटिस जारी किया था। उसने नोटिस वापस लेने के एवज में उससे दस लाख रूपए की मांग की थी लेकिन अंत में बात पांच लाख रूपये पर बनी थी।
जब शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम देने उसके घर पहुंचा तभी एसीबी अधिकारियों ने तहसीलदार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
एक ऐसे ही मामले में रायगढ़ में दत्ता जाधव को कथित रूप से एक शिकायतकर्ता से 5,000 रूपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
जाधव को शिकायतकर्ता दिलीप मोरे से धन लेते हुए गिरफ्तार किया गया। जाधव ने शिकायतकर्ता से ये रिश्वत एक भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल के लिए मांगे थे।
कार्णिक ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोनों ही मामलों में संबंधित पुलिस स्टेशनों में मामला दर्ज कर लिया गया है ।