न्यायमूर्ति एस सी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति गौतम पटेल की खंडपीठ ने पीडि़त महेश होनराव की पत्नी रूपाली होनराव की याचिका पर यह फैसला दिया। रूपाली ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा था कि स्थानीय पुलिस और सीआईडी आरोपियों के प्रभाव के कारण उचित तरीके से जांच नहीं कर रही है।
महेश सोलापुर के संगोला में एक कालेज में प्राचार्य थे और एक मार्च 2010 को कालेज परिसर में उन पर घातक हमला किया गया था। इस हमले में बुरी तरह से घायल महेश की मौत हो गयी थी।
यह मामला सीआईडी को सौंप दिया गया था और जांच के लिए विशेष टीम गठित की गयी थी।
अतिरिक्त लोक अभियोजक पूर्णिमा कंथारिया ने आज अदालत से कहा कि सीआईडी जांच पूरी करने के लिए और समय चाहती है।
लेकिन अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए मामला सीबीआई को सौंप दिया।