एक स्थानीय अखबार की शिकायत पर लोकायुक्त का फैसला आया है जिसने कहा कि दिल्ली में सरकारी एजेंसियों एवं विभागों से विग्यापन हासिल करने के लिए प्रसार के बारे में गलत तथ्य पेश किए जाते हैं ।
अपने आदेश में न्यायमूर्ति सरीन ने अखबारों, पत्रिकाओं के प्रसार के आंकड़े की गहन जांच करने को कहा ।