कंपनी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक भविन ठक्कर ने यहां संवाददाताओं को बताया, हम डैमलर के लिए अपने मौजूदा संयंत्र में 70 करोड़ रपये का निवेश करेंगे और हमारी योजना चेन्नई के आसपास दो नए संयंत्र लगाने की है। इस प्रकार से कुल करीब 250 करोड़ रपये का निवेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुंबई स्थित केएलटी ने दो जापानी वाहन ओईएम :मूल उपकरण विनिर्माताओं: की जरूरतें पूरी करने के लिए दो नए कारखाने लगाने की योजना बनाई है।
ठक्कर ने कहा कि कंपनी में सालाना 1.50 लाख टन से अधिक इस्पात की खपत होती है और कंपनी इन जापानी वाहन कंपनियों के लिए वेल्डेड चेसिस का उत्पादन करेगी।