आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री को अग्रिम चौकियों से दूर रखने का निर्णय पिछले दो दिनों से सीमा पार से पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा हो रही लगातार गोलाबारी के आलोक में लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार पहले शिंदे का पराहपुर निरीक्षण चौकी समेत तीन अग्रिम चौकियों का कार्यक्रम था लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा स्थिति के ताजा आकलन के बाद यह योजना मुल्तवी कर दी गयी।
गृह मंत्री अब संाबा में बीएसएफ कर्मियों के साथ बैठक करेंगे । वहां से वह हीरानगर थाना जायेंगे जहां 26 सितंबर को आतंकवादियों ने एक पुलिस अधिकारी समेत चार लोगों को गोलियों से भून डाला था।
वह सैन्य प्रतिष्ठान भी जा सकते हैं। उस पर भी आतंकवादी हमला हुआ था और एक लेफ्टिनेंट कर्नल एवं तीन जवान शहीद हुए थे तथा एक कर्नल घायल हुए थे।
सूत्रों के अनुसार बाद में वह एकीकृत मुख्यालय में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ सह अध्यक्षता करेंगे जिसमें स्थिति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में राज्यपुलिस, सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ, खुफिया एजेंसियों एवं केंद्रीय गृहमंत्रालय के शीर्ष अधिकारी हिस्सा लेंगे।
इस साल अबतक 136 संघर्ष विराम उल्लंघन हो चुके हैं जो पिछले आठ सालों में सर्वाधिक हैं।
आज भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने 10 सीमा चौकियों पर गोलीबारी की थी जिसमें दो लोग घायल हो गए थे।