पुलिस ने आज बताया कि आरोपी समीर सुधीर जोशी को यहां उसके धनतोली आवास से कल रात गिरफ्तार किया गया।
जोशी की पत्नी कंपनी की निदेशक है और इस मामले में आरोपी भी है। उसे अभी गिरफ्तार किया जाना शेष है।
दंपती ने श्रीसूर्य नामक निवेश कंपनी शुरू की थी तथा खुदरा दुकानों, खाद्य तेल, दुग्ध और कई ब्रांडेंड उत्पादों के क्षेत्र में अपने व्यवसाय का विस्तार किया था।
पुलिस ने बताया कि उन्होंने 12.50 प्रतिशत तक के ब्याज से उच्च लाभ देने का वादा करके निवेशकों को कथित रूप से ठगा।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने विदर्भ इलाके से करीब 200 करोड़ रपए एकत्र किए तथा अधिकतर सरकारी कर्मचारी एवं व्यवसायी उनके जाल में फंसे।
पुलिस को इस संबंध में कई शिकायतें मिली थीं जिसके बाद आर्थिक अपराध शाखा :ईओडब्ल्यू: ने जांच शुरू की थी।
इसके बाद इस वर्ष 14 सितंबर को दंपती के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की उपयुक्त धाराओं और महाराष्ट्र निवेशक जमा संरक्षण कानून 1999 के प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
भाषा