न्यायाधीश पी वी हरदास और पीएन देशमुख ने इस मामले में सीबीआई के वकील द्वारा जांच एजेंसी की विशेष अदालत में पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर दिए जाने की सूचना दिए जाने के बाद यह आदेश दिया। अदालत अब 12 नवंबर को मामले पर आगे सुनवाई करेगी।
पीठ पूर्व पत्रकार केतन तिरोड़कर द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी । तिरोड़कर ने आरोप लगाया था कि दो लोगों ़ ़ ़ राजेश रंजन और अश्विनी कुमार ने सीबीआई अधिकारी बनकर राकेश रोशन से संपर्क किया और जांच एजेंसी के पास उनके खिलाफ लंबित एक मामले की जांच को रफादफा कराने की पेशकश की।
दोनों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और पता चला कि वे फर्जी अधिकारी थे ।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऐसा संदेह है कि दोनों ने सीबीआई अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर धन वसूली की है ।
याचिका में कहा गया है, राकेश रोशन उनके खिलाफ सीबीआई में लंबित मामले का फर्जी अधिकारियों द्वारा दिए गए ब्यौरे से प्रभावित थे । उन्हें यह बताया गया कि सीबीआई के पास उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए सबूत हैं और इसलिए उन्होंने फर्जी सीबीआई अधिकारियों को 50 लाख रूपये दे दिए।