आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन के वी कामत ने कहा है कि आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को ब्याज दरांे मंे धीरे-धीरे कटौती करनी चाहिए।
कामत ने एक टीवी चैनल सीएनबीसी टीवी 18 के साथ साक्षात्कार मंे कहा, मुझे नहीं लगता कि हम उंची ब्याज दरांे को एक साथ नीचे ला सकते हैं। हमंे यह काम धीरे-धीरे करना होगा। इससे खुदरा मांग बढ़ेगी, जहां से वृद्धि का काफी बड़ा हिस्सा हासिल होता है।
उन्हांेने कहा कि एक चीज जो बड़े हिस्से के लिए जिम्मदार है वह है ब्याज दरंे। आज जो ब्याज दरें हैं वह आम आदमी को चोट पहुंचा रही है। यही वजह है जो कमजोर मांग मंे तब्दील हो रही है। इससे कंपनियांे पर दबाव पड़ रहा है।
हालांकि, रिजर्व बैंक के गवर्नर मुद्रास्फीतिक दबाव पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि पिछले माह की मौद्रिक नीति समीक्षा मंे ब्याज दरांे मंे बदलाव नहीं किया गया।