भारतीय जनता पार्टी ने केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को लेकर गठित तीन सदस्यीय वार्ताकारों की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि इसमें कश्मीर से जबरन निकाले गये पांच लाख हिन्दू शरणार्थियों का जिक्र तक नहीं है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सांसद तरूण विजय ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट ने अलगाववाद को कम करने के बजाय और मजबूती देने के सुझाव दिये है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्हांेने कहा कि जम्मू कश्मीर में केन्द्रीय कानून पूरी तरह से लागू नहीं होने के कारण लोगों को उसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
सांसद ने मांग की कि जम्मू कश्मीर में केन्द्रीय काननू की समीक्षा की जानी चाहिए, जिससे हकीकत सामने आ सके। उन्हांेने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में जबरदस्ती निकाले गये पांच लाख हिन्दू शरणार्थियों के बारे में जिक्र नहीं किया गया है। जम्मू कश्मीर में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के कैडर को कम करने और उर्दू शब्दों के इस्तेमाल करने का सुझाव देकर अलगाववाद को बढाने का काम किया है।
भाजपा प्रवक्ता ने वार्ताकारों को सांैपे गये ग्यापनों को सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि हकीकत सामने आ सके।
इस बीच भाजपा के आवान पर जम्मू कश्मीर बचाओं अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज यहां धरना दिया।
गौरतलब है कि गृहमंत्रालय ने जम्मू कश्मीर की स्थिति का आंकलन करने के लिए दिलीप पड़गांवकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय वार्ताकारों का गठन किया था।