छत्तीसगढ़ के राजनादगांव जिले में सुरक्षा बलों ने एक नक्सली ठिकाने से एक जीपीएस उपकरण बरामद किया है।
उपग्रह नौवहन प्रणाली ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम :जीपीएस: से किसी स्थान के बारे में जानकारी मिलती है। इस उपकरण की बरामदगी से सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां चौकन्ना हो गई हैं क्योंकि इस तरह के उपकरण उग्रवादियों के पास से कभी बरामद नहीं किए गए हैं।
अद्र्धसैनिक बल भारत...तिब्बत सीमा पुलिस :आईटीबीपी: के नेतृत्व में बरनारा और खुर्सीपुर जिले में पिछले हफ्ते चलाये गए संयुक्त अभियान में ये उपकरण बरामद किये गएं।
छापेमारी के बाद प्राप्त अन्य सामग्रियों में 10 मेमोरी कार्ड, दो पेन ड्राइव :4जीबी और 2 जीबी: बीएसएनएल का एक सिम कार्ड, दवाइयां, प्रिंटर, स्कैनर, फैक्स मशीन और 12 वोल्ट की कुछ बैटरी शामिल है।
सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि पूर्व के दिनों में माओवादियों के ठिकाने से कई चीजें बरामद हुई हैं लेकिन जीपीएस उपकरण की बरामदगी चिंता का विषय है।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया, इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है कि उग्रवादी जंगल में अपनी गतिविधियों की योजना के लिए जीपीएस के इस्तेमाल में निपुण हैं या नहीं, लेकिन यह बात तो तय है कि वे इस उपकरण के इस्तेमाल के बारे में सीख रहे थे।
गौरतलब है कि आईटीबीपी जैसे सुरक्षा बल नक्सल विरोधी आंदोलन के दौरान अपनी योजनाएं बनाने और गश्त करने के लिए इन उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।