facebookmetapixel
Advertisement
UltraTech Cement Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा 17% बढ़कर ₹2,599 करोड़, राजस्व भी रिकॉर्ड स्तर परSBI Research: बैंकों में कर्ज की रफ्तार जमा से क्यों आगे निकल गई? रिपोर्ट में सामने आईं 3 बड़ी वजहेंअभिजीत दिपके ने तोड़ा उपवास, CJP की टीम केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से करेगी मुलाकातमजबूत Q1 नतीजों के बाद Kotak Mahindra Bank पर 5 ब्रोकरेज बुलिश, 23% तक रिटर्न का अनुमानL&T की झोली में आए मेगा ऑर्डर, खनन और स्टील सेक्टर के बड़े प्रोजेक्ट मिले; शेयर 1% तक उछलाभारत को 8% की ग्रोथ पाने के लिए निजी निवेश का 30% तक पहुंचना जरूरी- पूर्व CEA सुब्रमण्यनICICI Bank Share Price: ₹1,452 के ICICI Bank शेयर पर ₹1,850 का टारगेट, 4 ब्रोकरेज बोले 27% तक मिलेगा रिटर्नStock Market Crash: 700 अंक टूटा सेंसेक्स! शेयर बाजार में मची हलचल, जानिए आज गिरावट की 4 सबसे बड़ी वजहेंUS-Iran तनाव के चलते रुपया फिर हुआ कमजोर, विदेशी निवेशक क्यों निकाल रहे पैसाGulf Lloyds IPO: ₹18.19 करोड़ जुटाने के लिए खुला आईपीओ; जानें प्राइस बैंड, GMP, लॉट साइज समेत अन्य डीटेल्स

सरकारी कर्मियों को रिझाएंगी ऑटो फर्म

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 11:46 PM IST

सरकारी कर्मचारियों को लुभाने के लिए भारतीय ऑटो कंपनियों ने पूरी तैयारी कर ली है। आर्थिक मंदी के कारण ग्राहकों की बेरुखी झेल रहे इस उद्योग को सरकारी कर्मचारियों से काफी उम्मीदें हैं।


दरअसल छठे वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद अब सरकारी कर्मचारियों को काफी सारी रकम एक साथ मिलने वाली है। टाटा मोटर्स, हुंडई, जनरल मोटर्स और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों ने खास तौर पर सरकारी कर्मचारियों को ध्यान में रखकर कई योजनाएं शुरू की हैं।

वेतन बढ़ाने की आयोग की सिफारिशों से लगभग 50 लाख लोगों का वेतन 70 फीसदी तक बढ़ जाने की उम्मीद की जा रही है। आयोग की यह सिफारिश जनवरी 2006 से लागू होगी। इसका मतलब है सरकारी कर्मचारियों को एकमुश्त अच्छी खासी रकम मिलेगी। इसके साथ ही उनके वेतन में भी इजाफा होगा।

हुंडई मोटर इंडिया के उपाध्यक्ष (सेल्स और मार्केटिंग) अरविंद सक्सेना ने बताया, ‘सरकारी कर्मचारी उन्हें मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कार खरीदने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अगर यह रकम 70,000-80,000 रुपये है। तो ग्राहक इसका इस्तेमाल नगद भुगतान करने के लिए कर सकते हैं। इसके बाद ग्राहक बिना किसी मुश्किल के 6,000-7,000 रुपये की मासिक किस्त का भुगतान कर सकता है। वेतन बढ़ने से इस मासिक किस्त का उनकी जेब पर अतिरिक्त भार भी नहीं पडेग़ा।’

हुंडई सैंट्रो, आई-10, गेट्ज, एक्सेंट और वेरना जैसी गाड़ियों पर 10,000-31,000 रुपये तक की छूट दे रही है। कंपनी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के साथ इन कर्मचारियों को आसान शर्तो पर कर्ज मुहैया कराने के लिए करार भी किया है।

उद्योग के सूत्रों का मानना है कि टाटा भी सरकारी कर्मचारियों को कुछ इसी तरह की आकर्षक छूट दे सकती है। हालांकि  कंपनी के प्रवक्ता ने इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी अपनी मार्केटिंग योजनाओं का खुलासा नहीं करती है। इसी तरह अमेरिकी वाहन कंपनी जनरल मोटर्स भी खरीददारों को 3,000-5,000 रुपये तक की छूट दे रही है। यह छूट कंपनी की पहले से चल रही ‘बचाओ 58,000 रुपये तक’ योजना से बिल्कुल अलग है।

बढ़ती महंगाई दर को रोकने के लिए ब्याज दर बढ़ाने के रिजर्व बैंक के फैसले का सबसे खराब असर ऑटो उद्योग पर ही पड़ा है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के कारोबार पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी की बिक्री में 4.5 फीसदी का मामूली इजाफा हुआ है। गिरती बिक्री को बढ़ाने के लिए मारुति ने लगभग 46 लाख सरकारी कर्मचारियों को लक्षित कर ‘व्हील्स ऑफ इंडिया’ नाम से कैंपेन भी लॉन्च किया है।

Advertisement
First Published - October 13, 2008 | 4:00 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement