facebookmetapixel
Advertisement
Midcap-Smallcap Funds में लौटी रौनक: क्या अभी पैसा लगाना सही होगा? एक्सपर्ट्स ने बताए पसंदीदा सेक्टर्सCabinet Decision: ओडिशा-झारखंड को रेलवे का बड़ा तोहफा, ₹3,907 करोड़ की दो परियोजनाएं मंजूरहल्दी पर NCDEX ने लगाया 2.5% अतिरिक्त मार्जिन, क्या अब आएगी बड़ी गिरावट या फिर जारी रहेगी तेजी?Cabinet Decision: वाराणसी को इंफ्रा का बड़ा तोहफा! ₹25,500 करोड़ के दो एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरीCredit Card Charges: क्या आपका क्रेडिट कार्ड भी काट रहा है एक्स्ट्रा पैसे? जानिए कौन-कौन से चार्ज लगते हैंEPFO New Rules: नौकरी बदलने वालों को बड़ी राहत! अब अपने आप ट्रांसफर होगा PF; जानिए EPS का पैसा कब निकाल सकते हैंएक ही फंड से वैल्यू और ग्रोथ दोनों का फायदा! Abakkus MF के लार्ज एंड मिड कैप फंड में ₹500 से निवेश शुरूमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट! ₹62,500 करोड़ की नई स्कीम को मंजूरी, 5 साल तक मिलेगा इंसेंटिवकैबिनेट ने दी Semicon 2.0 को मंजूरी,₹1.27 लाख करोड़ से भारत बनेगा ग्लोबल सेमीकंडक्टर हबयूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा भारत? कैबिनेट ने दी नई नीति को मंजूरी

‘कब मिली फिल्म नगरिया हमार’

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 12:11 AM IST

मायानगरी से अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, जया बच्चन सरीखे बड़े नाम जोड़ने के बाद भी उत्तर प्रदेश में आज तक फिल्म सिटी की योजना परवान नहीं चढ़ सकी है।
खास तौर पर भोजपुरी फिल्म उद्योग आज भी फिल्म सिटी की बाट जोह रहा है। पिछले मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव  ने फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तमाम वादे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
फिल्म सिटी के नाम पर नोएडा में हुई पहल भी न्यूज सिटी बन कर रह गयी। फिल्म के नाम पर वहां एडिटिंग, निर्देशन वगैरह का ककहरा पढ़ाने वाले कॉलेज ही खुले। महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों का विरोध होने की वजह से भी भोजपुरी फिल्म सिटी बनाने की बात जोर पकड़ रही है।
इस बार भोजपुरी फिल्म सिटी बनाने की पहल सरकार से पहले खुद इसी उद्योग के सितारों ने की है। भोजपुरी फिल्मों के चर्चित कलाकार मनोज तिवारी और रवि किशन के साथ कई अन्य कलाकार भी इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के टिकट पर गोरखपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे मनोज तिवारी को लगता है कि भोजपुरी फिल्मों का बड़ा बाजार उत्तर प्रदेश और बिहार है, इसलिए फिल्में भी यहीं बने, तो बेहतर होगा।
भोजपुरी फिल्मों में सुपर स्टार का तमगा पा चुके रवि किशन की भी यही राय है। वह भी मानते हैं कि  इस भाषा की फिल्मों का निर्माण उत्तर प्रदेश में होना चाहिए। बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में रवि किशन ने कहा कि फिल्म सिटी बनाने की दिशा में तेजी से प्रयास हो रहा है। उनका कहना है कि भोजपुरी के कलाकार राज्य सरकार के सहयोग से फिल्म सिटी का सपना साकार करेंगे।
‘गांव देस’, ‘तुलसी तोहरे आंगन की’ और ‘तोहार प्यार चाही’ जैसी चर्चित भोजपुरी फिल्मों की निर्मात्री और नायिका मधु तिवारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भोजपुरी फिल्म सिटी से कई मुश्किलें हल होंगी और स्थानीय लोगों को काम भी मिलेगा।
उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि शूटिंग के लिए उत्तर प्रदेश में कई अच्छी लोकेशन मौजूद हैं और फिल्म सिटी के बनने के बाद डबिंग, एडिटिंग आदि की सुविधा यहीं पर मिलेगी, जिससे लागत कम आएगी। वह कहती हैं कि फिल्म सिटी गोरखपुर, वाराणसी या प्रतापगढ़ कहीं भी बना दी जाए, भला तो कलाकारों का ही होगा।
कल पढ़ें जयपुर फिल्म सिटी

Advertisement
First Published - February 6, 2009 | 2:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement