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खेल उद्योग भी नहीं रहा मंदी से अछूता

Last Updated- December 08, 2022 | 11:05 AM IST

खेल उत्पाद बनाने वाली इकाइयां मंदी की वजह से अपने उत्पादन में 50 फीसदी की कटौती कर रही हैं। जालंधर की खेल इंडस्ट्री का निर्यात 450 करोड़ रुपये से घटकर 300 करोड़ रुपये का रह गया है।


जालंधर में खेल उत्पादों का निर्माण करने वाली कंपनी सकाय ट्रेडर्स के प्रंबध निदेशक अशोक कत्याल ने बताया कि वैश्विक मंदी के कारण खेल उत्पादों का बाजार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता उपलब्ध नहीं हैं।

उत्तरी अमेरिकी देशों के आयातक मंदी की वजह से आयात नहीं कर रहे हैं। ऐसे में देश के खेल उत्पाद निर्यातकों के लिए विकट समस्या उठ खड़ी हुई है। यहां तक कि जर्मनी जैसे आयातक देश भी नए ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। अब तो खेल उत्पाद इंडस्ट्री को जर्मनी में लगने वाले आईएसपीओ मेले से ही उम्मीद है।

यह मेला 1 से 4 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। कत्याल ने बताया कि जालंधर खेल इंडस्ट्री का निर्यात 450 करोड़ रुपये से घटकर 300 करोड़ रुपये का रह गया है।  सकाय ट्रेडर्स को हाल ही में ‘निर्यात श्री ‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

दिल्ली में राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल ने वर्ष 2005-06 के लिए उसे यह पुरस्कार दिया। कत्याल ने बताया कि कंपनी ने पिछले साल   40 करोड़ रुपये के खेल उत्पादों का निर्यात किया था।

उन्होंने बताया कि कंपनी ने लगभग 5 लाख फुटबॉल का निर्यात किया  जो फुटबॉल बनाने वाली किसी भी एक इकाई का सर्वाधिक निर्यात है।

कंपनी ने गत साल लगभग पांच लाख फुटबॉलों का निर्यात किया था। उन्होने यह भी बताया कि कंपनी फुटबॉल वर्ल्ड कप 2006 में फुटबाल की आपूर्ति करने वाली आधिकारिक कंपनी भी थी। इसके अलावा इस साल होने वाले यूरो कप में भी कंपनी फुटबॉल की आधिकारिक आपूर्तिकर्ता है।

First Published - December 25, 2008 | 8:38 PM IST

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