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चौपाल सागर के लिए अच्छी है मंदी

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Last Updated- December 08, 2022 | 5:06 AM IST

भले ही मंदी की मार देश की कई बड़े रिटेल आउटलेटों को रुला रही हो।


लेकिन एफएमसीजी और हॉस्पिटलिटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी आईटीसी को मंदी से फायदा पहुंच रहा है।

मंदी की मार के उलट आईटीसी की चौपाल सागर परियोजनाएं विकास की ओर उन्मुख है।

कंपनी ने कहा है कि वे अपनी चौपाल सागर परियोजना को खरीफ मौसम 2009 तक पूरा कर लेंगी।कंपनी द्वारा तीन राज्यों में 45 चौपाल सागर परियोजनाओं को शुरू किया जाना था, जो अपनी निर्धारित समय सीमा से 18 महीने विलंब से चल रही है।

अभी तक कंपनी ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में चरणबध्द तरीके से 24 चौपाल सागर को शुरू किया है।

वर्तमान में, मध्य प्रदेश में 11, महाराष्ट्र में 5 और उत्तर प्रदेश में 8 परियोजनाओं का परिचालन किया जा रहा है। चौपाल सागर को ग्रामीण शॉपिंग मॉल के रूप में भी जाना जाता है जहां किसान अपनी फसलों को बेंच सकता है ।

साथ ही कॉस्मेटिक, गामेट्स, टीवी, डीवीडी प्लेयर, प्रेशर कुकर, रूम हीटर, घडियां, सिलाई मशीन, ट्रैक्टर आदि सामान की खरीदारी कर सकता है। इसके अलावा, चौपाल सागर उपभोक्ताओं को टेलीमेडिसीन की सुविधाएं भी मुहैया कराती है। इसके लिए कंपनी ने विभिन्न मेडिकल समूहों से गठजोड़ किया है।

आईटीसी के एग्री बिजनेस डिविजन के मुख्य कार्यकारी एस शिवकुमार ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम लोग भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लगे हुए हैं और अनुमानित निवेश के तहत निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।’

उन्होंने बताया, ‘चीन ओलंपिक खत्म होने के बाद थोड़ी राहत मिली है और  सीमेंट और लोहे की कीमत भी घट गई है। तीन राज्यों में चौपाल सागर परियोजना को अगस्त 2009 तक पूरा कर लिया जाएगा।’

शिवकुमार ने बताया, ‘हम लोग जल्द ही फल, आलू, सब्जियां आदि के स्टॉक को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।’ आईटीसी ने अपना पहला चौपाल सागर मध्य प्रदेश के सीहोर शहर के निकट एक छोटे से गांव रफीगंज में शुरू किया था।

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First Published - November 25, 2008 | 9:06 PM IST

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