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उत्तर प्रदेश में सियासी उथल-पुथल शुरू

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:07 PM IST

उत्तर प्रदेश में संख्याबल के बावजूद भारतीय जनता पार्टी का बहुजन समाज पार्टी के लिए राज्यसभा की एक सीट छोडऩे के बाद सियासी उथलपुथल शुरू हो गई है। भाजपा-बसपा के इस गठजोड़ के चलते आधा दर्जन से ज्यादा बसपा विधायकों ने बगावत कर दी है। बसपा के राज्यसभा प्रत्याशी के प्रस्तावक पांच विधायकों ने बुधवार अपना प्रस्ताव वापस लेते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव में अपनी आस्था जता दी। बसपा विधायकों के इस पैंतरे के बाद सपा समर्थित राज्यसभा प्रत्याशी प्रकाश बजाज का जीतना तय माना जा रहा है।
हालांकि पेच फंसाते हुए संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने तकनीकी आधार पर बजाज का नामांकन रद्द करने तो बसपा के विधायक दल के नेता लालजी वर्मा ने अपने प्रत्याशी रामजी गौतम का नामांकन बरकरार रखने की मांग की है। बसपा और भाजपा दोनों ने अपना अपना पक्ष निर्वाचन अधिकारी के सामने रखा है।
मंगलवार को नामांकन दाखिल करने का समय बीतने के साथ ही तय हो गया था कि भाजपा की कुर्बानी से बसपा का एक राज्यसभा सीट जीतने का रास्ता साफ हो गया है। बसपा-भाजपा के इस प्रेम पर मायावती के विधायक बिफर गए और बुधवार सुबह सपा मुखिया अखिलेश यादव से मिलने पहुंच गए। बसपा के सात विधायकों ने बागी तेवर दिखाते हुए राज्यसभा के लिए राजमजी गौतम का प्रस्ताव वापस लेने का एलान किया।
बसपा विधायकों  बकायदा निर्वाचन अधिकारी को लिख कर प्रस्ताव लेने की बात कही। बसपा ने जीतने लायक विधायकों की संख्या न होते हुए भी अपने कद्दावर नेता रामजी गौतम को प्रत्याशी बनाया था। बगावत कर अखिलेश के पास पहुंचने वाले विधायक असलम राइनी, असलम अली, विधायक मुजतबा सिद्दीकी, हाकिम लाल बिंद, विधायक  हरगोविंद भार्गव, सुषमा पटेल के साथ विधायक वंदना सिंह हैं।
उधर बसपा विधायक दल के नेता लालजी वर्मा ने निर्वाचन अधिकारी के सामने हलफनामा दाखिल कर विधायकों के हस्ताक्षर न करने की बात को झूठा कहा। उन्होंने कहा कि बसपा प्रत्याशी के नामांकन के समय सारे प्रस्तावक विधायक विधानसभा में मौजूद थे और इसे विधानसभा के सीसीटीवी  के जरिए चेक किया जाए। इसके अलावा लालजी वर्मा ने मौके पर मौजूद सूचना विभाग के फोटोग्राफर से तस्वीरें मांगी। उनका कहना है कि विधायकों की मौजूदगी में नामांकन किया गया। बसपा की ओर से कहा गया कि तीन सेटों में नामांकन दाखिल किया गया है और अब तक दो सेटों पर आपत्ति उठी है लिहाजा एक सेट वैध है।
इसके साथ ही भाजपा ने तमाम तकनीकी खामी गिनाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज के नामांकन को खारिज कराने की मांग की है। बुधवार शाम बसपा और भाजपा की आपत्ति का जवाब देने बजाज विधानसभा पहुंचे। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने आपत्ति पर जवाब दिया। विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि दोनों पर्चों में कई कमियां पाई गई हैं।

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First Published - October 29, 2020 | 12:21 AM IST

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