facebookmetapixel
सफायर फूड्स का देवयानी इंटरनेशनल में मर्जर, शेयरहोल्डर्स को होगा फायदा? जानें कितने मिलेंगे शेयरसिगरेट कंपनियों के शेयरों में नहीं थम रही गिरावट, लगातार दूसरे दिन टूटे; ITC 5% लुढ़कानए मेट्रो एयरपोर्ट से हॉस्पिटैलिटी कारोबार को बूस्ट, होटलों में कमरों की कमी होगी दूरदिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार धीमी, PMI घटकर 55.0 पर आयानए साल की रात ऑर्डर में बिरयानी और अंगूर सबसे आगेमैदान से अंतरिक्ष तक रही भारत की धाक, 2025 रहा गर्व और धैर्य का सालमुंबई–दिल्ली रूट पर एयर इंडिया ने इंडिगो को पीछे छोड़ाअगले साल 15 अगस्त से मुंबई–अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेनगलत जानकारी देकर बीमा बेचने की शिकायतें बढ़ीं, नियामक ने जताई चिंता1901 के बाद 2025 रहा देश का आठवां सबसे गर्म साल: IMD

प्लेसमेंट के लिए छात्रों से मांगे गए पैसे!

Last Updated- December 08, 2022 | 6:44 AM IST

कानपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में एमसीए तृतीय वर्ष की छात्रा रुपाली शर्मा (बदला हुआ नाम) के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा


जब उनके कॉलेज में कुछ आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों से 50,000 रुपये की मांग की। हालांकि कंपनियों का कहना है कि छात्र-छात्राओं से यह रकम प्रशिक्षण लागत के रूप में ली जा रही है।

बहरहाल, इच्छुक छात्रों को पंजीकरण के लिए 5,000 रुपये भी अदा करने के लिए कहा गया है, जो वापस नहीं किए जाएंगे। कॉलेज के प्लेसमेंट अधिकारी बताया, ‘हम लोगों के पास दो आईटी कंपनियों से इस तरह के प्रस्ताव आए हैं।


इस तरह का कोई मामला पहले कभी नहीं हुआ है। हम लोग कभी भी उन कंपनियों को अनुमति नहीं दे सकते हैं जो हमारे छात्रों से इस तरह की पेशकश करती हों।’

विशेषज्ञों और मानव संसाधन परामर्शदाताओं का मानना है कि किसी कंपनी द्वारा इस तरह पैसे की मांग मध्यम वर्गीय द्वारा न तो स्वीकार्य है और न ही यह किसी भी रूप से कानूनी है।

First Published - December 2, 2008 | 9:03 PM IST

संबंधित पोस्ट