facebookmetapixel
नए मेट्रो एयरपोर्ट से हॉस्पिटैलिटी कारोबार को बूस्ट, होटलों में कमरों की कमी होगी दूरदिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार धीमी, PMI घटकर 55.0 पर आयानए साल की रात ऑर्डर में बिरयानी और अंगूर सबसे आगेमैदान से अंतरिक्ष तक रही भारत की धाक, 2025 रहा गर्व और धैर्य का सालमुंबई–दिल्ली रूट पर एयर इंडिया ने इंडिगो को पीछे छोड़ाअगले साल 15 अगस्त से मुंबई–अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेनगलत जानकारी देकर बीमा बेचने की शिकायतें बढ़ीं, नियामक ने जताई चिंता1901 के बाद 2025 रहा देश का आठवां सबसे गर्म साल: IMDHealth Insurance के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी, पॉलिसियों की बिक्री घटीअब बैंक भी बन सकेंगे पेंशन फंड के प्रायोजक, PFRDA ने नए ढांचे को दी मंजूरी

मोदी सरकार के ‘अहंकार’ ने संसदीय प्रणाली को ‘ध्वस्त’ कर दिया है: कांग्रेस

Last Updated- May 25, 2023 | 9:06 PM IST
Parliament session: The first Parliament session will start from June 24, from the President's address to PM Modi's reply... know the complete schedule Parliament session: 24 जून से शुरू होगा पहला संसद सत्र, राष्ट्रपति के संबोधन से पीएम मोदी के जवाब तक... जानिये पूरा शेड्यूल

कांग्रेस ने नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बृहस्पतिवार को निशाना साधते हुए कहा कि ‘एक व्यक्ति के अहंकार और स्व-प्रचार की इच्छा’ ने देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति को इस भवन का उद्घाटन करने के संवैधानिक विशेषाधिकार से वंचित कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के ‘अहंकार’ ने संसदीय प्रणाली को ‘ध्वस्त’ कर दिया है।

खरगे ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी, संसद जनता द्वारा स्थापित लोकतंत्र का मंदिर है। राष्ट्रपति का पद संसद का प्रथम अंग है। आपकी सरकार के अहंकार ने संसदीय प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘140 करोड़ भारतीय जानना चाहते हैं कि भारत के राष्ट्रपति से संसद भवन के उद्घाटन का हक छीनकर आप क्या जताना चाहते हैं?’

ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस ने मोदी सरकार पर नये संसद भवन के उद्घाटन के लिए देश की राष्ट्रपति को निमंत्रित नहीं कर आदिवासियों का ‘अपमान करने’ का आरोप लगाया और इस कदम के विरूद्ध 26 मई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘कल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रांची में झारखंड उच्च न्यायालय में देश के सबसे बड़े न्यायिक परिसर का उद्घाटन किया। एक व्यक्ति के अहंकार और स्व-प्रचार की इच्छा ने प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति को 28 मई को नयी दिल्ली में संसद के नए भवन के उद्घाटन के उनके संवैधानिक विशेषाधिकार से वंचित कर दिया है।’

उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, ‘अशोक द ग्रेट, अकबर द ग्रेट, मोदी द इनॉग्यरेट।’ कांग्रेस की इस टिप्प्णी से एक दिन पहले ही करीब 20 विपक्षी दलों ने मोदी द्वारा संसद के नए भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के फैसले की घोषणा की। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्‍यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करना अनुचित है। बसपा प्रमुख ने कहा कि ”इसको जनजातीय महिला के सम्मान से जोड़ना भी अनुचित है।

यह उन्हें (मुर्मू) निर्विरोध ना चुनकर उनके विरुद्ध उम्मीदवार खड़ा करते वक्त सोचना चाहिए था।” उनकी (मायावती) टिप्पणी के बारे में पार्टी के विचार के बारे में पूछे जाने पर, कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव लड़ना विचारधारा का मामला है और पार्टी को उम्मीदवार खड़ा करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘चुनाव लड़ने का मतलब यह भी नहीं है कि हम उस व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत लड़ाई लड़ रहे हैं। एक बार जब वह राष्ट्रपति बन गईं, तो वह सभी की राष्ट्रपति हैं। उनका सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है।’

खेड़ा ने कहा, ‘यदि सरकार उनका सम्मान नहीं कर रही है, तो उसे याद दिलाना भी हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री को ‘राज धर्म’ की याद दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। मायावती अगर यह सोचती हैं कि प्रधानमंत्री को ‘राजधर्म’ की याद दिलाने की जरूरत नहीं है तो यह उनकी निजी राय हो सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘लगभग 20-21 राजनीतिक दलों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ‘राज धर्म’ का पालन नहीं कर रहे हैं।’

यहां कांग्रेस मुख्यालय में ‘ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस’ के प्रमुख शिवाजीराव मोघे ने कहा कि राष्ट्रपति के बजाय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नये संसद भवन का उद्घाटन लोकतंत्र का ‘अपमान’ है। कांग्रेस, वाम दल, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत 19 विपक्षी दलों ने संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की और आरोप लगाया कि केंद्र की मौजूदा सरकार के तहत संसद से लोकतंत्र की आत्मा को ही निकाल दिया गया है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि संसद के नए भवन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को करना चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो उनकी पार्टी उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होगी। विपक्षी दलों द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने उनकी निंदा की और उसके इस कदम को भारत के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान करार दिया।

राजग के अनुसार, विपक्षी दलों का यह कृत्य केवल अपमानजनक नहीं बल्कि महान राष्ट्र के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने मांग की है कि उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी नहीं बल्कि राष्ट्रपति मुर्मू करें। सरकार पर राष्ट्रपति मुर्मू को ‘पूरी तरह दरकिनार’ करने का आरोप लगाते हुए 19 दलों ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि जब ‘लोकतंत्र की आत्मा को छीन लिया गया है’ तो उन्हें नए भवन में कोई महत्व नजर नहीं आता। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रपति मुर्मू को उद्घाटन समारोह से दरकिनार करना और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन करने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे।

First Published - May 25, 2023 | 9:06 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट