facebookmetapixel
Advertisement
चंद्रशेखरन के बाद टीसीएस के सामने नेतृत्व की नई चुनौती, टाटा समूह के साथ तालमेल पर भी नजरउदारीकरण के 35 साल: ‘एशिया के डेट्रॉइट’ से चेन्नई ने कैसे तय किया दुनिया के ऑटो हब तक का सफरअटकी चंद्रशेखरन के वारिस की तलाश, उत्तराधिकारी चुनने वाली चयन समिति गठित करने में लगेगा वक्त; AGM पर भी संशयभारत के एयर मोबिलिटी बाजार में उतरने की तैयारी, 2029 से ईवीटीओएल उड़ाने की स्काईड्राइव की योजनाMMDR विधेयक पर कुछ राज्यों को एतराज, खनन मंत्री बोले- प्रमुख खनिजों तक सीमित रहेंगे प्रावधानएयरटेल के ग्राहकों को महंगे प्लान में शिफ्ट करने से Vi को मिल सकता है मौका, बढ़ेगी कमाईस्मॉलकैप-मिडकैप फंड्स में फिर बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी, हर 3 इक्विटी फोलियो में 1 इनकाआरबीआई के नए नियमों से कर्ज दरों में बदलाव होगा तेज, बैंकों के स्प्रेड पर भी पड़ेगा असरQ1 Results: ABREL का घाटा बढ़ा, IGL का मुनाफा 44% घटा; LG Electronics का लाभ 27% बढ़ाभारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी, नीति आयोग ने औद्योगिक पार्क और क्लस्टर का दिया सुझाव

उप्र के जीडीपी में इजाफा

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 6:32 PM IST

कोविड संक्रमण के चलते तीन सालों तक लगातार आर्थिक गतिविधियां सामान्य न रहने के बाद भी उत्तर प्रदेश फिर से विकास के रास्ते पर है और वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 19.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है।
उत्तर प्रदेश के सालाना बजट पर विधानसभा में तीन दिनों तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला और पिछली सरकार की तुलना में प्रदेश में आयी आर्थिक बेहतरी के आंकड़े प्रस्तुत किए। विधानसभा ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 का सालाना बजट पारित किया।
मुख्यमंत्री ने बजट पर कहा कि  नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने  समाजवाद के बहाने प्रधानमंत्री के प्रयासों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि हमारी योजनाओ का आधार पंडित दीनदयाल जी के ‘अंत्योदय’ विचार हैं। पिछली सरकार की चुलना में बढ़े राजस्व का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में राज्य का कर राजस्व लगभग 86000 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2021-22 में 80 फीसदी बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वर्ष 2016-17 में जीएसटी और वैट से लगभग 51800 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई, जो कोविड के बावजूद वर्तमान में बढ़कर लगभग 90000 करोड़ रुपये हो गयी है।     

Advertisement
First Published - June 1, 2022 | 1:50 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement