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अधिग्रहण पर बंगाल के तेवर कड़े

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Last Updated- December 10, 2022 | 1:22 AM IST

हाल में पश्चिम बंगाल सरकार के हाथों से नैनो परियोजना निकल गई हो, पर उसके बाद भी जमीन अधिग्रहण मसले पर रियायतें देने के बजाय राज्य सरकार ने कुछ और सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है।
सरकार राज्य में परियोजनाओं के विकास के लिए कंपनी को आवंटित की जाने वाली जमीन को लेकर नियमों को सख्त करने की योजना बनाई है। पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम  ने फैसला लिया है कि अब निजी कंपनियों के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
निगम का फैसला है कि प्रस्तावित परियोजनाओं को औद्योगिक पार्कों में तब्दील किया जाएगा ताकि रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा किए जा सके। 

पुरुलिया में श्याम स्टील की आधारशिला रखे जाने के मौके पर डब्लूबीआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुब्रत गुप्ता ने कहा कि निगम जिन प्रस्तावित स्टील परियोजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण कर रहा है, उन्हें स्टील पार्क में तब्दील किया जाएगा।
इस तरह की परियोजनाओं में एक ऐंकर निवेशक का होना जरूरी है। श्याम स्टील के अलावा जय बालाजी और आधुनिक भी राज्य में स्टील संयंत्र लगा रही हैं। 

पर अब ये तीन संयंत्र इन स्टील पार्कों में ऐंकर निवेशक होंगे। ऐसे औद्योगिक पार्कों में 15 से 20 फीसदी जमीन उत्पादन से जुड़ी दूसरी इकाइयों के लिए आरक्षित होगी।
गुप्ता ने बताया कि ऐसे पार्कों में परियोजना से संबंद्ध उत्पादन इकाइयों में रोजगार के अवसर अधिक पनपते हैं। उन्होंने कहा कि स्टील संयंत्रों की तुलना में ऐसी इकाइयों में ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सकता है।
भूषण स्टील पहले बंगाल में स्टील संयंत्र लगाने की तैयारी में था, पर अब स्टील पार्क में एक ऐंकर निवेशक की भूमिका निभाएगा। भूषण स्टील राज्य में अपने स्टील संयंत्र का आकार तीन गुना करने की योजना बना रही थी। इसके लिए कंपनी सुमितोमो कॉरपोरेशन के साथ साझेदारी कर रही थी।
गुप्ता ने कहा कि औद्योगिक पार्कों में जो जमीन लीज पर दी जाएगी वह कंपनियों के नाम पर ही होगी। इसके अलावा निगम परियोजना के विकास का लेखा जोखा रखने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का भी गठन करेगा। एक बार लक्ष्य तय किए जाने के बाद कंपनियों को उनके हिसाब से चलना  होगा, नहीं तो निगम कंपनी से जमीन वापस ले सकता है।
परियोजनाएं बदली जाएंगी औद्योगिक इकाइयों में स्टील पार्कों के लिए एक एंकर निवेशक का होना बेहद जरूरी शर्त परियोजनाओं के विकास का लेखाजोखा रखने के लिए होगा एक समिति का गठन

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First Published - February 17, 2009 | 9:21 PM IST

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