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‘पप्पू’ को पटाओ, नंबर ले जाओ

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Last Updated- December 11, 2022 | 12:17 AM IST

सारे पप्पू वोट देने पहुंचें, इसके लिए सरकार से लेकर तमाम सामाजिक संगठन तक हर कोई कोशिश कर रहा है।
लेकिन पुणे में एक स्कूल ने वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए नायाब तरीका अपनाया है। मराठी माध्यम के इस स्कूल ने ऐलान किया है कि चुनावों में जिस छात्र या छात्रा के माता पिता वोट देने जाएंगे, उसे परीक्षा में दो अतिरिक्त अंक बतौर ग्रेस मार्क दिए जाएंगे।
ये नंबर पांचवीं से नवीं कक्षा तक के छात्रों के नागरिक शास्त्र यानी सिविक्स विषय के वार्षिक परीक्षा के नंबरों में जोड़ दिए जाएंगे। यह अनूठी पहल ज्ञान प्रबोधिनी नवनागर विद्यालय के गुरुकुल विभाग ने शुरू की है। यह विभाग सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक चलता है और इसका लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को मतदान केंद्र तक भेजना है।
गुरुकल विभाग के समन्वयक शिवराज पिमपुर्दे ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘स्कूल की किताबों में तो केवल यह पढ़ाती हैं कि क्या सही है और क्या गलत। लेकिन केवल एक छात्र के जरिये हम कम से कम 4 लोगों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए आप ही सोचिए कि करीब ढाई सौ बच्चों के साथ हम कितने लोगों तक अपनी आवाज पहुंचा सकते हैं।’
लेकिन छात्रों को ये अतिरिक्त अंक ऐसे ही नहीं मिल जाएंगे। इसके लिए उन्हें माता पिता या किसी भी वयस्क के दस्तखत वाला बयान चाहिए होगा, जिसमें लिखा होगा कि वोट डालने के लिए छात्र ने उन्हें प्रेरित किया।
इसी स्कूल में सातवीं कक्षा की छात्रा स्वाति महादक कहती है, ‘नंबर मिलने का लालच सबको होता है। बच्चे नंबरों के चक्कर में वोट डलवाएंगे और स्कूल का उद्देश्य पूरा हो जाएगा। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वोट डालने के लिए तैयार कर पाएंगे।’
शिवराज कहते हैं कि जब तक ये बच्चे 18 साल के होंगे, तब तक 3 या 6 चुनाव और हो जाएंगे। इसके बाद वे खुद भी ववोट जरूर डालेंगे और इस बीच न मालूम कितने लोगों को वोट डालने के लिए तैयार भी करेंगे।
उन्होंने महाराष्ट्र में 25 अन्य स्कूलों को भी यह तरीका आजमाने के लिए कहा, तो वे तैयार हो गए, लेकिन उन्होंने इस काम में जुटे छात्रों को अतिरिक्त अंक देने से साफ इनकार कर दिया।

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First Published - April 14, 2009 | 2:49 PM IST

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