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बरेली से भी जुड़ेगा 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:16 PM IST

मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब बरेली से भी जुड़ेगा। बरेली से बदांयू तक फोर लेन की सड़क बनाने के साथ इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे को बदांयू के बिनावर कस्बे में बदांयू-बरेली फोरलेन से जोड़ा जाएगा। बरेली जिले के लाल फाटक मोड़ से बुखारा मोड़ तक फोरलेन बनाए जाने को सहमति दे दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि लाल फाटक पुल बनाने के बाद बरेली से गंगा एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी मिल जाएगी। मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों को जोड़ते हुए बनाया जा रहा गंगा एक्सप्रेसवे की परियोजना की लागत 36290 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेसवे का शिलान्यास बीते साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुताबिक इसका निर्माण कुल चार पैकेज में किया जा रहा है। वैश्विक निविदा के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण में तीन पैकेज का काम अदाणी समूह और एक पैकेज का काम आईआरबी इन्फ्रा मुंबई को दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग बरेली से बदांयू तक 4.3 किमी फोर लेन का निर्माण कर रहा है। इस रास्ते में आ रहे संरक्षित वन क्षेत्र के पेड़ों को काटने को लेकर पेच फंसा हुआ था। बीते सात महीनों से इस रास्ते के निर्माण का काम बंद था। अब प्रस्ताव के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण में कटने वाले 6125 हरे पेड़ों के बदले वन विभाग दोगुनी जमीन पर बदायूं में पेड़ लगाएगा। फोर लेन के रास्ते में सात हेक्टेयर संरक्षित वन क्षेत्र पड़ रहा है जिसके बदले में पीलीभीत टाइगर रिजर्व और नजीबाबाद में 14 हेक्टेयर में करीब 12000 पेड़ लगाए जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक जीपीएस से मैपिंग के बाद संरक्षित वन क्षेत्र में ही जमीन की तलाश की गई जिसके मिल जाने के बाद प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। केंद्र की सहमति मिलते ही तेजी से फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा किया जाएगा।

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First Published - July 27, 2022 | 1:08 AM IST

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