facebookmetapixel
Advertisement
मौजूदा स्तर से 33% चढ़ेगा हॉस्पिटल कंपनी का शेयर! ब्रोकरेज ने कहा- वैल्यूएशन है अच्छा; न चूकें मौकाGold Silver Price Today: सोने चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले चेक करें आज के दामMSCI में फेरबदल: IRCTC इंडेक्स से बाहर, L&T Finance समेत इन स्टॉक्स में बढ़ सकता है विदेशी निवेशQ3 नतीजों के बाद 50% से ज्यादा चढ़ सकता है रेस्टोरेंट कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज बोले – लगाओ दांवसेना के हथियारों पर अब भारत का पूरा नियंत्रण, नई रक्षा नीति से बदलेगा डिफेंस सिस्टमनिफ्टी के उतार-चढ़ाव के बीच NTPC और CPSE ETF में बना मौका, ब्रोकरेज ने बताए टारगेटFractal Analytics IPO GMP: फ्लैट लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहे शेयर, निवेश का आज आखिरी मौका; सब्सक्राइब करें ?अब आधार से बनेगा स्टार्टअप इकोसिस्टम! UIDAI शुरू कर सकता है खास फंडबजाज ऑटो, टाटा स्टील और डीमार्ट- तीनों में उछाल की तैयारी? मोतीलाल ओसवाल ने बताए टारगेटStock Market Update: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स 100 अंक ऊपर; निफ्टी 26 हजार के करीब

NPS : गारंटीड रिटर्न स्‍कीम की दरें हर साल होगी तय  

Advertisement

न्यू पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत लॉन्च किए जाने वाले  मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम (MARS) के लिए दरें (रेट ऑफ रिटर्न) हर साल तय होगी।

Last Updated- December 29, 2022 | 4:26 PM IST
NPS

अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पेंशन रेगुलेटर द्वारा न्यू पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत लॉन्च किए जाने वाले  मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम (MARS) के लिए दरें (रेट ऑफ रिटर्न) हर साल तय होगी।

पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के चेयरमैन सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ से कहा कि इस नए  प्रोडक्ट के लिए दस साल की ‘लॉक-इन अवधि’ होगी और रेट ऑफ रिटर्न सरकार के 10 वर्षीय  बॉन्ड  को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ” इस प्रोडक्ट पर गारंटी निश्चित नहीं है, यह हर साल तय होने वाली है।” समय-समय पर बदलने वाली ब्याज दर को फ्लोटिंग रेट कहा जाता है।

उदाहरण के तौर पर गारंटी आज पांच  फीसदी  तय की गई है तो यह एक साल की अवधि के लिए वैलिड होगी और उसके बाद इसे या तो ऊपर या नीचे रीसेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर बीच में  सरकार के 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड  में ज्यादा बदलाव होता है तो PFRDA हस्तक्षेप करेगा और इसे रीसेट करेगा।

बंद्योपाध्याय ने कहा कि गारंटी सरकार के 10 वर्षीय  बॉन्ड  से कम होगी। अगर दस साल का सरकारी  बॉन्ड   7.5 फीसदी  ब्याज देता है तो 2.5 फीसदी का अंतर रखते हुए गारंटी पांच फीसदी हो सकती है।

अगर बाजार बेहतर प्रदर्शन करता है और रिटर्न की दर पांच फीसदी से ज्यादा रहती है तो यह निवेशकों को दिया जाएगा। अगर बाजार खराब प्रदर्शन करता है तो रिटर्न की दर पांच फीसदी से कम नहीं होगी और फंड मैनेजर को इस अंतर को वहन करना होगा।

उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए PFRDA बीमा कंपनियों की तर्ज पर फंड मैनेजर के लिए दिवाला मानदंड पेश करेगा क्योंकि यह पहली बार है जब MARS सामने आ रहा है।

बंद्योपाध्याय ने कहा कि  यह प्रोडक्ट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।

Advertisement
First Published - December 29, 2022 | 3:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement