facebookmetapixel
Advertisement
सोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’

पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों के लिए LIC ने आसान किया क्लेम प्रोसेस

Advertisement

LIC ने एक बयान में कहा, "पहलगेाम में निर्दोष नागरिकों की मृत्यु पर एलआईसी गहरा शोक व्यक्त करता है।"

Last Updated- April 28, 2025 | 6:49 AM IST
LIC
Representative Image

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगेाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए बीमा दावों में राहत देने का ऐलान किया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

एलआईसी ने एक बयान में कहा, “पहलगेाम में निर्दोष नागरिकों की मृत्यु पर एलआईसी गहरा शोक व्यक्त करता है।” कंपनी ने आगे कहा कि वह प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और बीमा दावों के निपटान की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक राहत मिल सके।

एलआईसी के सीईओ और एमडी सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि कंपनी मृतकों के परिवारों की कठिनाइयों को समझती है और इसीलिए दावे के लिए दस्तावेजों की शर्तों में ढील दी गई है।

एलआईसी अब सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मृत्यु प्रमाण या केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा जारी किसी भी मुआवजे के प्रमाण को मृत्यु प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार करेगा।

परिजन अपने नजदीकी एलआईसी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या सहायता के लिए निगम के हेल्पलाइन नंबर 022-68276827 पर कॉल कर सकते हैं।

एलआईसी का डेथ क्लेम प्रोसेस

एलआईसी में मृत्यु दावा प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन होती है। यह दावा उन्हीं पॉलिसियों पर स्वीकार्य होता है, जिनकी प्रीमियम समय पर जमा की गई हो या जहां मृत्यु “ग्रेस पीरियड” के भीतर हुई हो। मृतक के निधन की सूचना मिलते ही ब्रांच ऑफिस निम्न दस्तावेजों की मांग करता है:

  • क्लेम फॉर्म A : मृतक और दावेदार का विवरण देने वाला फॉर्म 
  • मृत्यु प्रमाण पत्र : डेथ रजिस्टर से प्रमाणित निकास 
  • आयु प्रमाण पत्र : मृतक और दावेदार दोनों का दस्तावेजी प्रमाण 
  • न्यायिक अधिकार प्रमाण : अगर पॉलिसी नामांकित नहीं है या एमडब्ल्यूपी एक्ट के तहत नहीं है 
  • मूल बीमा पॉलिसी दस्तावेज 

यदि मृत्यु, जोखिम शुरू होने या पॉलिसी के पुनर्जीवन की तारीख से तीन साल के भीतर हुई है, तो अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जाते हैं:

  • क्लेम फॉर्म B : मृतक का इलाज करने वाले डॉक्टर द्वारा प्रमाणपत्र 
  • क्लेम फॉर्म B1 : यदि मृतक ने अस्पताल में इलाज कराया था 
  • क्लेम फॉर्म B2 : अंतिम बीमारी से पहले इलाज करने वाले डॉक्टर द्वारा प्रमाणपत्र 
  • क्लेम फॉर्म C : पहचान और अंतिम संस्कार प्रमाणपत्र, जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा प्रमाणित 
  • क्लेम फॉर्म E : मृतक के नियोक्ता से प्रमाणपत्र, यदि मृतक नौकरीपेशा था 
  • पुलिस रिपोर्ट्स : दुर्घटना या अस्वाभाविक मृत्यु के मामलों में एफआईआर, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां

भुगतान के लिए जरूरी दस्तावेज

दावे के भुगतान के लिए दावेदार से निम्न अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाएंगे:

  • एनईएफटी फॉर्म
  • रद्द चेक या पासबुक की कॉपी 

एलआईसी ने कहा कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सहायता प्रदान करने के लिए सभी शाखाओं को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

 

Advertisement
First Published - April 28, 2025 | 6:49 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement