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ITR Filing: इन छोटी गलतियों से अटक सकता है आपका ITR Refund, बचने के लिए करें ये काम

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ITR 2025: आकलन वर्ष 2025-26 में समय पर टैक्स रिफंड पाने के लिए करदाताओं को सटीक फाइलिंग, बैंक अकाउंट वैलिडेशन और ई-वेरिफिकेशन पर ध्यान देना होगा।

Last Updated- August 30, 2025 | 2:19 PM IST
Income Tax Return
Representative Image

ITR Filing 2025: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का दौर आकलन वर्ष (AY) 2025-26 के लिए अभी जारी है। ऐसे में जिन टैक्सपेयर्स को टैक्स रिफंड मिलना है, उनके लिए सबसे अहम है कि वे अपने बैंक अकाउंट की जानकारी इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर सही तरीके से अपडेट और वैलिडेट कर लें। जरा सी गलती या अधूरी जानकारी रिफंड में हफ्तों की देरी करा सकती है।

बैंक अकाउंट डिटेल्स ऐसे करें अपडेट और वैलिडेट

  • सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • ‘Profile’ में जाकर ‘My Bank Account’ ऑप्शन चुनें।
  • यहां ‘Add Bank Account’ पर क्लिक करके अकाउंट नंबर, IFSC, बैंक का नाम और अकाउंट टाइप जैसी जानकारी भरें।
  • डिटेल्स जोड़ने के बाद उस अकाउंट को रिफंड के लिए चुनें और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से वैलिडेट करें। केवल वैलिडेटेड अकाउंट्स में ही रिफंड आता है।

टैक्सपेयर्स पोर्टल पर रिफंड की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं।

ई-वेरिफिकेशन है जरूरी

रिफंड लेट होने की एक बड़ी वजह यह है कि कई करदाता रिटर्न को ई-वेरिफाई नहीं करते। जब तक रिटर्न ई-वेरिफाई नहीं होता, वह अधूरा माना जाता है और रिफंड जारी नहीं होता। ई-वेरिफिकेशन आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या बैंक अकाउंट के जरिए तुरंत किया जा सकता है।

किन कारणों से होता है रिफंड में देरी

फॉरविस मजार्स इंडिया के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (डायरेक्ट टैक्स) अवनीश अरोड़ा के मुताबिक, अब रिफंड काफी तेजी से प्रोसेस होता है—कई बार कुछ ही दिनों या हफ्तों में। लेकिन फिर भी देरी की वजहें हो सकती हैं:

  • बैंक अकाउंट डिटेल्स गलत या अनवैलिडेटेड होना
  • दाखिल रिटर्न और AIS या फॉर्म 26AS जैसे रिकॉर्ड में अंतर
  • रिटर्न स्क्रूटनी में जाना
  • पहले से बकाया टैक्स या पुराने सालों के एडजस्टमेंट

अरोड़ा कहते हैं, “अगर रिफंड लेट होता है तो आयकर कानून की धारा 244A के तहत टैक्सपेयर्स को ब्याज भी मिलता है। हालांकि सबसे अहम है कि फाइलिंग सही हो, क्योंकि सिस्टम तेज हुआ है लेकिन छोटी-सी गलती भी रिफंड रोक सकती है।”

समय पर रिफंड पाने के लिए जरूरी तीन कदम

  1. रिटर्न सटीक तरीके से फाइल करें
  2. बैंक अकाउंट को सही से वैलिडेट करें
  3. ई-वेरिफिकेशन समय पर पूरा करें

इन छोटे-छोटे कदमों से करदाता कई हफ्तों की अनावश्यक देरी से बच सकते हैं।

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First Published - August 30, 2025 | 1:59 PM IST

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