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7 साल से बड़े बच्चों पर टीके का परीक्षण

Last Updated- December 12, 2022 | 12:41 AM IST

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ  इंडिया (एसआईआई) अब सात से 11 साल के बच्चों पर नोवावैक्स कोविड-19 टीके का परीक्षण करेगी। कंपनी ने इससे पहले 12 से 17 साल के बच्चों पर परीक्षण शुरू किया था। भारत के दवा नियामक ने मंगलवार को पुणे की टीका निर्माता कंपनी को अपने परीक्षण को आगे बढ़ाने की मंजूरी देते हुए सात से 11 साल के बीच के बच्चों का नामांकन करने की अनुमति दी गई है। उद्योग के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की।
विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी), केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को सलाह दे रही है और इसने सात साल और इससे अधिक उम्र के बच्चों के नामांकन की अनुमति दी है। जुलाई में विशेषज्ञ पैनल ने नोवावैक्स उम्मीदवार, कोवोवैक्स के दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण के संचालन के लिए एसआईआई को अनुमति देने की सिफारिश की थी।
परीक्षण दो से 17 साल के बच्चों के बीच कराए जाएंगे लेकिन अलग-अलग आयु समूहों के लिए मंजूरी चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी। परीक्षण में मोटे तौर पर 920 बच्चों को कई आयु समूहों में विभाजित किया जाएगा। परीक्षण का अगला चरण दो साल और उससे अधिक उम्र के छोटे बच्चों पर होगा। इन रैंडम नमूनों के साथ प्रायोगिक दवाओं से नियंत्रित अध्ययन का मकसद बाल समूहों पर नोवावैक्स के टीके से बनने वाली प्रतिरोधक क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण करना है। नोवावैक्स के टीके कोवोवैक्स के बारे में कहा जाता है कि इसका असर लगभग 90 प्रतिशत है, लेकिन इसे अभी तक कहीं भी इस्तेमाल के लिए मंजूरी नहीं मिली है।
एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने कुछ दिन पहले कहा था कि कंपनी ने बच्चों पर परीक्षण शुरू कर दिया है और इसके लिए न्यूनतम समय-सीमा तीन से चार महीने है। ऐसी संभावना है कि जनवरी-फरवरी तक कोवोवैक्स (एसआईआई-निर्मित नोवावैक्स टीका) बच्चों में इस्तेमाल के लिए मंजूरी हासिल करने के लिए तैयार हो सकता है।
अब तक, जायडस कैडिला के डीएनए कोविड-10 टीके को भारत में 12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिली है।
कोरोना का प्रकोप लंबे समय तक रह सकता है
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वरिष्ठ अधिकारी पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा है कि कोरोनावायरस संक्रमण का प्रकोप ‘बहुत लंबे समय’ तक जारी रह सकता है तथा टीकाकरण एवं पहले हुए संक्रमण के जरिये किसी समुदाय में विकसित हुई रोग प्रतिरोधी क्षमता तय करेगी कि यह वैश्विक महामारी लंबे समय में सीमित जगह या सीमित समय पर होने वाला संक्रमण बनेगी या नहीं। 
डब्ल्यूएचओ में दक्षिण पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि ऐसी स्थिति पर पहुंचने की आवश्यकता है, जहां ‘हमारा वायरस पर पूरा नियंत्रण हो, न कि वायरस का हम पर नियंत्रण हो।’ उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक महामारी ने स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाने का ‘सदी में एक बार मिलने वाला अवसर’ भी दिया है। भाषा
कोविड नियंत्रण उपाय 31 अक्टूबर तक जारी
केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस के स्थानीय संक्रमण और देश में बीमारी के सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बने रहने के मद्देनजर राष्ट्रव्यापी कोविड-19 नियंत्रण उपायों को मंगलवार को 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया। सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखी चि_ी में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने चेताया कि आगामी त्योहारों के मौसम में कोविड उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से पालन नहीं किए जाने का अंदेशा है जिससे संक्रमण के मामलों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। गृह सचिव ने कहा कि प्रदेशों को संक्रमण दर और अस्पतालों पर निगाह रखनी चाहिए। भाषा

First Published - September 28, 2021 | 11:25 PM IST

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