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JLR से मिलेगी Tata Motors को रफ्तार, ब्रोकरों को ऊंची बाजार भागीदारी और दमदार वृद्धि की उम्मीद

Tata Motors ने नेक्सन के कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (CNG) वैरिएंट और हैरियर तथा सफारी के इलेक्ट्रिक वर्सन पेश करने की भी योजना बनाई है।

Last Updated- July 07, 2024 | 10:16 PM IST
JLR

अगले वर्ष के दौरान घरेलू परिचालन के पुनर्गठन के साथ साथ नई पेशकशों, सहायक इकाई जगुआर लैंड रोवर (JLR) की बढ़ती बिक्री और कर्ज में लगातार कमी ऐसे महत्वपूर्ण बदलाव हैं जिनसे वाहन निर्माता टाटा मोटर्स (Tata Motors) को भविष्य में ताकत मिलेगी। कंपनी के लिए बिक्री में तेजी महत्वपूर्ण साबित होगी।

जेएलआर की अप्रैल-जून तिमाही की बिक्री अनुमान के मुकाबले बेहतर रही और यह रिटेल बिक्री में 9 प्रतिशत तक की वृद्धि के साथ एक साल पहले की तुलना में 5 प्रतिशत बढ़ गई।

जेएलआर में सभी तरह के ब्रांडों की बिक्री से कुल बिक्री भी अनुकूल हो गई है। ज्यादा मार्जिन वाले रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट और डिफेंडर मॉडलों का कुल बिक्री में 68 प्रतिशत से ज्यादा योगदान है। इसके विपरीत घरेलू यात्री वाहन (पीवी) व्यवसाय जून में एक साल पहले की तुलना में 8 प्रतिशत गिरा जो अनुमान से कम रहा। टाटा मोटर्स ने कमजोर खुदरा मांग के बीच इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए सक्रियता के साथ थोक बिक्री को समायोजित किया।

नोमुरा रिसर्च को बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि, ऊंचे औसत बिक्री मूल्य और बेहतर मार्जिन के कारण मजबूत मध्यावधि वृद्धि की उम्मीद है। टाटा मोटर्स ने अपने मौजूदा वाहन पोर्टफोलियो और नए लॉंच की बदौलत 2029-30 तक बाजार भागीदारी 18-20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा है जो वित्त वर्ष 2024 में 14 प्रतिशत रही है। इस तरह वह 6-7 प्रतिशत की उद्योग वृद्धि को मात देना चाहेगी।

मौजूदा समय में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ यात्री वाहन बाजार की 53 प्रतिशत जरूरत पूरी कर रही टाटा मोटर्स ने कर्व और सिएरा जैसी आगामी पेशकशों के साथ अपने बाजार को 80 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिससे मझोले आकार के स्पोर्ट यूटिलिटी वाहन क्षेत्र में वाहन की कमी को दूर किया जा सके।

कंपनी ने नेक्सन के कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (CNG) वैरिएंट और हैरियर तथा सफारी के इलेक्ट्रिक वर्सन पेश करने की भी योजना बनाई है। अपने पेट्रोल-डीजल इंजन पीवी व्यवसाय के लिए टाटा मोटर्स ने नकदी प्रवाह बढ़ाने और दो अंक का परिचालन मुनाफा मार्जिन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इलेक्ट्रिक वाहन (RV) सेगमेंट में कंपनी ने 2025-26 तक परिचालन को भरपाई के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है।वाणिज्यिक वाहन (सीवी) व्यवसाय को अलग किए जाने से शेयरधारक वैल्यू बढ़ने का अनुमान है।

टाटा मोटर्स (Tata Motors) का मानना है कि वाणिज्यिक वाहन और यात्री वाहन खंडों के बीच तालमेल सीमित है। भले ही सीवी व्यवसाय अलग किया जाए लेकिन समूह के पोर्टफोलियो में पीवी और ईवी सेगमेंट के अंदर बड़े तालमेल की उम्मीद है जिससे घरेलू परिचालन और जेएलआर दोनों को लाभ होगा। यात्री वाहन व्यवसाय मुख्य कंपनी के पास बना हुआ है जबकि वाणिज्य वाहन सेगमेंट को अगले साल के भीतर एक अलग कंपनी में करने की योजना है।

सीवी व्यवसाय में टाटा मोटर्स ने धीरे-धीरे बाजार भागीदारी वृद्धि करने, दो अंक में परिचालन मुनाफा मार्जिन, नॉन-व्हीकल बिजनेस में विस्तार और राजस्व का 6 से 8 फीसदी मुक्त नकदी प्रवाह हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इससे पूंजी निवेश पर मजबूत प्रतिफल (आरओसीई) की उम्मीद है।

जेएलआर (JLR) के मजबूत परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए टाटा मोटर्स ने दीर्घावधि राजस्व का लक्ष्य 15 फीसदी के इजाफे के साथ वित्त वर्ष 2024 के 29 अरब पौंड से बढ़ाकर 38 अरब पौंड करने का लक्ष्य रखा है।

अपनी राजस्व वृद्धि की रफ्तार मजबूत बनाने के लिए कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में तीन नए ईवी वाहनों – रेंज रोवर इलेक्ट्रिक, जगुआर इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रीफाइड मॉड्युलर आर्कीटेक्चर प्लेटफॉर्म पर पहली ईवी उतारने की योजना बनाई है। ईवी व्यवसाय में बढ़ते निवेश की वजह से कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 से 2027-28 के दौरान अपना निवेश अनुमान 15 अरब पौंड से बढ़ाकर 18 अरब पौंड कर दिया है।

हालांकि कुछ ब्रोकरों ने इस शेयर पर सतर्क दृष्टिकोण बरकरार रखा है। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के अनिकेत म्हात्रे समेत कई विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2024 में टाटा मोटर्स के प्रमुख सेगमेंट में शानदार प्रदर्शन को स्वीकार किया है, लेकिन आने वाले समय की दिकक्तों, खासकर जेएलआर के बारे में आगाह किया है। उन्होंने मांग वृद्धि की वजह से लागत दबाव बढ़ने का संकेत दिया है।

नोमुरा रिसर्च का मानना है कि शेयर की रेटिंग में बदलाव नए ईवी मॉडलों की सफलता और जेएलआर का मार्जिन बरकररार रहने पर निर्भर करेगा।

इलारा रिसर्च के विश्लेषक जय काले का मानना है कि जेएलआर का 15 प्रतिशत दीर्घावधि मार्जिन लक्ष्य मुनाफे से जुड़ी वैश्विक चिंताओं के बीच उसके ईवी वाहनों की बाजार स्वीकार्यता पर निर्भर है। शुद्ध कर्ज से जुड़ी चिंताएं दूर होने के साथ वित्त वर्ष 2025 में 22 प्रतिशत आरओसीई लक्ष्य हासिल करने पर टाटा मोटर्स के प्रयास को सुस्त अल्पावधि मांग के बावजूद सकारात्मक माना जा रहा है।

First Published - July 7, 2024 | 10:16 PM IST

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