facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: समय और संसाधन जरूरी, SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विवाद तेजतेल झटके को बेकार न जाने दें, भारत के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित बनाने का मौका बनाएंस्थिरता के दिखावे के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के सामने बढ़ते बाहरी जोखिमकोल्हापुर गुड़ उद्योग की मीठी विरासत पर मिलावट की चोट, ₹300 करोड़ के कारोबार पर खतरा; गुजरात ने रोकी खरीदStock Market: सेंसेक्स 1200 अंक उछला, Nifty 24,200 पारStrait of Hormuz Crisis: हॉर्मुज बंद हुआ तो क्या होगा? हिलेगी दुनिया, भारत पर बड़ा असरAI से बदलेगा मैन्युफैक्चरिंग गेम! भारत बनेगा असेंबली हब से सुपरपावर?पेंशन फंड मैनेजर चुनने से लेकर बदलने तक: NPS निवेश का पूरा स्मार्ट गाइडअमेरिका-ईरान के बीच वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीदें बढ़ी; सीजफायर बढ़ाने पर ‘सैद्धांतिक सहमति’ बनीTop-10 Gold ETFs: 1 साल में 63% तक रिटर्न, क्या आपके पोर्टफोलियो में है ये फंड?

निफ्टी में नरमी तूफान से पहले की शांति तो नहीं?

Advertisement

हफ्ते के आखिरी दो कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक भारी बिकवाल रहे, हालांकि दिसंबर में वे 44,740 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे हैं।

Last Updated- December 25, 2023 | 12:45 PM IST
Nifty DMA
Representative Image

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में लगातार सात हफ्ते बढ़ोतरी के बाद पिछले हफ्ते गिरावट दर्ज हुई। इस हफ्ते का रिटर्न संकेतों के अभाव में सुस्त रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अपनी खरीद धीमी कर सकते हैं। हफ्ते के आखिरी दो कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक भारी बिकवाल रहे, हालांकि दिसंबर में वे 44,740 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे हैं। विश्लेषकों ने कहा कि बाजारों की चाल थोड़ी एकपक्षीय रह सकती है, जब तक कि देसी संस्थानों से खासी खरीदारी नहीं होती या कोई खबर निवेशकों को कुछ मुनाफावसूली के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘अगले कुछ दिन में निफ्टी बढ़त पर बिकवाली की प्रवृत्ति दिखा सकता है। अगले हफ्ते प्रतिरोध का स्तर 21,600 रह सकता है, वहीं समर्थन का स्तर 20,969 रह सकता है। व्यापक बाजारों में बढ़त हो सकती है लेकिन जब बेंचमार्क सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव आएगा तो व्यापक बाजारों में कुछ मुनाफावसूली होगी।’

सोने में चमक के मिल रहे संकेत
सोने की कीमतों से जुड़े विभिन्न संकेतक कुछ वैसा ही प्रदर्शित कर रहे हैं जो 1970 के बाद की पिछली दो अहम तेजी के दौरान देखे गए थे। सोने को लेकर अपने आउटलुक में कोटक म्युचुअल फंड ने कहा कि घटते उत्पादन, सोने व एसऐंडपी 500 अनुपात अब तक के निचले स्तर के करीब होने और केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की खरीद इस बार और पिछले दो चक्रों (1,971 व 2,000) की शुरुआत में रहे संकेतक के समान है। अपने आउटलुक में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने कहा है कि साल 2024 में सोने की कीमतों की चाल मोटे तौर पर अर्थव्यवस्थाओं पर निर्भर करेगी – वे सॉफ्ट लैंडिंग में उतरते हैं या फिर मंदी के भंवर में प्रवेश करते हैं। सोने की कीमतों के लिहा से मंदी सकारात्मक होगी।

इनोवा कैपटैब आईपीओ का जीएमपी नरम
मंगलवार को बंद होने जा रहे इनोवा कैपटैब के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम अपेक्षाकृत नरम यानी महज 35 फीसदी है। पिछले हफ्ते बंद हुए ज्यादातर आईपीओ के मामले में जीएमपी सकारात्मक रहे और कुछ का जीएमपी तो 80 फीसदी से भी ज्यादा रहा। पिछले हफ्ते बंद हुए सातों आईपीओ को भारी भरकम आवेदन मिले और मोतीसंस ज्वैलर्स को 173 गुना बोली मिली। इनोवा कैपिटल ने आईपीओ का कीमत दायरा 426 से 448 रुपये प्रति शेयर तय किया है। 570 करोड़ रुपये के आईपीओ में 320 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हो रहे हैं जबकि 250 करोड़ रुपये का ओएफएस है। इनोवा कैपटैब दवा कंपनी है और नए शेयर से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने और कार्यशील पूंजी की जरूरत में करना चाहती है।

Advertisement
First Published - December 25, 2023 | 12:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement