facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

गिरावट के बाद आकर्षक हो गए हैं ऑटो एंसिलियरी फर्मों के शेयर

पिछले महीने में अपोलो टायर्स, एमआरएफ और भारत फोर्ज के शेयर क्रमश: 10 प्रतिशत, 8.4 प्रतिशत और 0.4 प्रतिशत गिरावट का ​शिकार हुए।

Last Updated- April 10, 2024 | 9:31 PM IST
Auto Stocks

वित्त वर्ष 2024 में बड़ी तेजी के बाद वाहन कलपुर्जा निर्माताओं के शेयर पिछले महीने में 10 प्रतिशत तक नीचे आए। विश्लेषकों का कहना है कि इन शेयरों में यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका है, क्योंकि बढ़ती खर्च योग्य आय और भविष्य में ब्याज दर कटौती की संभावना की वजह से वाहन क्षेत्र दीर्घाव​धि नजरिये से मजबूत बना हुआ है।

डीआर चोकसी फिनसर्व के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी का कहना है, ‘एंसिलियरी शेयरों में ताजा कमजोरी ने उनकी कीमतों को आकर्षक बना दिया है। मौजूदा स्तरों पर खरीदारी के लिए यह एक अच्छा अवसर है, क्योंकि वाहन क्षेत्र में संपूर्ण धारणा मजबूत बनी हुई है।’

पिछले महीने में अपोलो टायर्स, एमआरएफ और भारत फोर्ज के शेयर क्रमश: 10 प्रतिशत, 8.4 प्रतिशत और 0.4 प्रतिशत गिरावट का ​शिकार हुए। एसीई इ​क्विटी के आंकड़े से पता चलता है कि तुलनात्मक तौर पर, निफ्टी ऑटो सूचकांक इस अव​धि के दौरान 4.4 प्रतिशत तेजी दर्ज करने में सफल रहा। वित्त वर्ष 2024 में निफ्टी ऑटो इंडेक्स 77 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी-50 में 28 प्रतिशत की तेजी आई।

आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इ​क्विटीज में शोध विश्लेषक मुमुक्ष मंडलेशा ने इस गिरावट के लिए मिडकैप और स्मॉलकैप क्षेत्र में कमजोरी को ​जिम्मेदार बताया है। यह एक ऐसा सेगमेंट है जिसमें कई कलपुर्जा निर्माता जुड़े हुए हैं।

तेज रफ्तार

वाहन डीलर एसोसिएशनों के संगठन (फाडा) द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़े के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में कुल 2.4 करोड़ वाहन बेचे गए थे, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 2.2 करोड़ था। तुलनात्मक रूप से यह सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की वृद्धि है। यह वृद्धि मार्च में वा​णि​ज्यिक वाहनों, यात्री वाहनों और ट्रैक्टरों की बिक्री में गिरावट के बावजूद दर्ज की गई है।

विश्लेषकों को वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भी यह रुझान बरकरार रहने की संभावना है। मार्च 2024 में खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 3.14 प्रतिशत रही।

दोपहिया और तिपहिया सेगमेंटों में 5 प्रतिशत और 17 प्रतिशत बिक्री वृद्धि दर्ज की गई जबकि यात्री वाहनों, ट्रैक्टरों और वा​णि​ज्यिक वाहनों को 3-6 प्रतिशत के बीच गिरावट का सामना करना पड़ा।

विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में सीवी और ट्रैक्टर बिक्री वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में चुनावी सीजन की वजह से सुस्त रहेगी, लेकिन पूरे वर्ष के आधार पर सीवी और ट्रैक्टर बिक्री में अच्छी तेजी आने के आसार हैं। टीवीएस मोटर और हीरो मोटोकॉर्प ने मार्च में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत और 88 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि दर्ज की।

निवेश रणनीति

विश्लेषकों ने निवेशकों को गिरावट पर अच्छी चयन रणनीति के आधार पर खरीदारी करने का सुझाव दिया है, क्योंकि महंगे मूल्यांकन वाले कुछ खास शेयरों में तेजी अब सीमित हो सकती है।

निफ्टी ऑटो मौजूदा समय में 25.9 गुना के पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है, जो उसके पिछले दो वर्ष के औसत 37.14 गुना से नीचे और 22.84 गुना के दो वर्ष के निचले स्तर से थोड़ा ऊपर है।

First Published - April 10, 2024 | 9:31 PM IST

संबंधित पोस्ट