facebookmetapixel
गोल्ड सिल्वर रेशियो ने दिया संकेत, क्या चांदी की तेजी अब थकने वाली है? एक्सपर्ट्स से समझिए42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटस

शेयर बाजार में बढ़ रही परिवारों की रुचि, RBI ने बताया लोग कहां-कहां लगा रहे पैसा

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके साथ ही परिवारों की कुल वित्तीय संपदा में इक्विटी और निवेश फंड की हिस्सेदारी 2011-12 से 2022-23 के बीच 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है।

Last Updated- July 19, 2024 | 10:56 PM IST
Investment

परिवार इस समय बैंक में धन जमा करने के अतिरिक्त भी निवेश के साधन तलाश रहे हैं। इनमें बचत को निवेश करने के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स और निवेश फंड शामिल हैं। रिजर्व बैंक के कर्मचारी द्वारा लिखे गए एक शोध पत्र के मुताबिक पिछले एक दशक से अभी परिवारों की बचत के निवेश में जमा सबसे ऊपर बना हुआ है, लेकिन निवेश के अन्य साधनों जैसे इक्विटी और निवेश फंडों, बीमा और पेंशन फंडों में परिवारों की रुचि बढ़ रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके साथ ही परिवारों की कुल वित्तीय संपदा में इक्विटी और निवेश फंड की हिस्सेदारी 2011-12 से 2022-23 के बीच 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी कहा है कि परिवार और ग्राहक, जो परंपरागत रूप से अपनी बचत का निवेश बैंकों में करने पर निर्भर थे, उनकी दिलचस्पी पूंजी बाजारों व अन्य वित्तीय साधनों में बढ़ रही है।

मुंबई में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दास ने कहा, ‘परिवारों द्वारा की गई कुल बचत में बैंक जमा की हिस्सेदारी अभी भी सबसे ज्यादा है, लेकिन यह हिस्सेदारी धीरे धीरे घट रही है। परिवार अब अपनी बचत म्युचुअल फंडों, बीमा फंडों और पेंशन फंडों में लगा रहे हैं। स्पष्ट रूप से कहा जाए तो परिवार अपनी बचत को बैंकों के बजाय अन्य माध्यमों की ओर लगाने में अधिकाधिक आकर्षित हो रहे हैं।’

First Published - July 19, 2024 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट