अब जबकि कैलेंडर वर्ष 2025 समाप्त होने जा रहा है तो आंकड़ों से पता चलता है कि स्मॉलकैप इंडेक्स ने पिछले सात कैलेंडर वर्षों में अपना सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया है। कैलेंडर वर्ष 25 में बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में अब तक 7.5 फीसदी की गिरावट आई है जो कैलेंडर वर्ष 18 के बाद की सबसे तेज गिरावट है। तब इसमें 23.5 फीसदी की भारी गिरावट आई थी। कैलेंडर वर्ष 19 में स्मॉलकैप इंडेक्स में 6.8 फीसदी की गिरावट रही थी।
इसके विपरीत, निफ्टी 50 (9.7 फीसदी की वृद्धि) और बीएसई सेंसेक्स (8.4 फीसदी की वृद्धि) ने 2025 में लगातार 10वें कैलेंडर वर्ष में सकारात्मक रिटर्न दिया है। विश्लेषकों के अनुसार पिछले दो कैलेंडर वर्षों में स्मॉलकैप इंडेक्स में 47.5 फीसदी (कैलेंडर वर्ष 23 में) और उसके बाद कैलेंडर वर्ष 24 में 29.3 फीसदी की तीव्र वृद्धि के कारण कैलेंडर वर्ष 25 में अधिकांश स्मॉलकैप शेयरों का मूल्यांकन काफी ज्यादा था।
ऊंचे मूल्यांकन, कंपनियों की धीमी आय वृद्धि और व्यापार युद्ध की आशंकाओं के बीच आई तेजी के कारण विश्लेषक इस सेगमेंट को लेकर सतर्क हो गए थे। उदाहरण के लिए, बर्नस्टीन के विश्लेषकों ने साल की शुरुआत में ही अपने पोर्टफोलियो में मौजूद अधिकांश स्मॉलकैप शेयरों को बेच दिया था।
बर्नस्टीन के प्रबंध निदेशक वेणुगोपाल गैरे ने हाल ही में एक नोट में लिखा, 2024 में मजबूत प्रदर्शन के बाद हमने जनवरी 2025 में अपने स्मॉलकैप और मिडकैप (एसएमआईडी) पोर्टफोलियो को समाप्त कर दिया और नकदी रखने का विकल्प चुना। यहां तक कि साल के मध्य में मिडकैप को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग देने के बाद भी हमने कोई नया स्टॉक नहीं खरीदा, जो उच्च मूल्यांकन और अनिश्चित आय पूर्वानुमान के बीच अनुशासित रुख को दर्शाता है।
वित्त वर्ष 2025 के दौरान बीएसई 1000 सूचकांक के 50 फीसदी से अधिक यानी 660 शेयरों ने नकारात्मक रिटर्न दिया। यह सूचकांक बीएसई ऑलकैप सूचकांक के अंतर्गत आने वाली 1000 सबसे बड़ी और सबसे अधिक लिक्विड भारतीय कंपनियों के प्रदर्शन को मापता है और बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण का 94 फीसदी हिस्सा है।
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, प्राज इंडस्ट्रीज, तेजस नेटवर्क्स, स्टर्लिंग ऐंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी, केएनआर कंस्ट्रक्शंस, न्यूजेन सॉफ्टवेयर, रूट मोबाइल और व्हर्लपूल ऑफ इंडिया के शेयरों की कीमतों में वित्त वर्ष 2025 के दौरान 50 फीसदी से लेकर 62 फीसदी तक की गिरावट देखी गई।
कुल मिलाकर, कैलेंडर वर्ष 25 में बाजार का प्रदर्शन मिलाजुला रहा, जिसमें ऑटोमोबाइल (घरेलू) और वित्तीय क्षेत्र ने बाजार पूंजीकरण, स्वामित्व (निजी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बैंक) और बैंक, पूंजी बाजार, बीमा, एनबीएफसी के आधार पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अधिकांश अन्य क्षेत्र संघर्ष करते रहे।
आंकड़ों के अनुसार बीएसई पर साल के दौरान बढ़ने वाले शीर्ष क्षेत्र पीएसयू बैंक, धातु, ऑटो और वित्तीय सेवाएं रहे। इनमें 15 से 27 फीसदी के बीच वृद्धि दर्ज की गई जबकि रियल्टी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सूचकांक क्रमशः 14 फीसदी और 17 फीसदी गिरे।
विश्लेषकों का मानना है कि स्मॉलकैप शेयरों में आई तेज गिरावट ने वैल्यूएशन को थोड़ा अधिक स्वीकार्य बना दिया है। उनका सुझाव है कि निवेशक लंबी अवधि के नजरिये से गिरावट के समय इन शेयरों को खरीदना शुरू कर सकते हैं।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और अनुसंधान प्रमुख जी चोकालिंगम के अनुसार, अगले दो महीने चुनिंदा स्मॉल-कैप शेयरों को आकर्षक कीमतों पर खरीदने का अच्छा मौका होगा क्योंकि इस सेगमेंट के कई शेयरों में तेजी से गिरावट आई है और वे आकर्षक विकल्प बन गए हैं। उन्होंने कहा, अनुकूल आर्थिक कारकों और कई व्यक्तिगत स्मॉलकैप शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन के अलावा बाजारों में नए खुदरा निवेशकों का मजबूत निवेश भी हमें इस सेगमेंट में विश्वास दिलाता है। हम लंबी अवधि के निवेशकों को इक्विटी परिसंपत्ति आवंटन बढ़ाने और जनवरी-मार्च 2026 की अवधि में इस अतिरिक्त नकदी को गुणवत्ता वाले स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में निवेश करने का सुझाव देते हैं।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह क्षेत्र अगले 12 महीनों में दो अंकों में रिटर्न देगा। उन्होंने हाल में एक रिपोर्ट में लिखा, हमारा मानना है कि निफ्टी का मूल्य वित्त वर्ष 2028 के अंत तक 29,500 यानी 21 गुना पीई पर होगा। सेंसेक्स के लिए हमारा लक्ष्य 98,500 है। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के अधिक तर्कसंगत मूल्यांकन और मजबूत विकास पथ को देखते हुए हमें उम्मीद है कि ये दोनों सेगमेंट वित्त वर्ष 2026 में अच्छा रिटर्न देंगे।