अर्थव्यवस्था

GDP की रफ्तार तेज, लेकिन अरबपतियों की कमाई पीछे छूटी; 2025 में संपत्ति में गिरावट

साल 2025 में देश के अरबपति प्रवर्तकों की कुल संपत्ति (डॉलर में) में 5 फीसदी की कमी आई जबकि वित्त वर्ष 2025 के दौरान भारत की नॉमिनल जीडीपी में 7.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई

Published by
कृष्ण कांत   
Last Updated- January 04, 2026 | 10:26 PM IST

भारत के अरबपति प्रवर्तकों ने वर्ष 2014 से 2021 के बीच तगड़ा लाभ कमाया मगर अब देश में तेजी से बढ़ रहे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में कमाई में पिछड़ रहे हैं। 

साल 2025 में देश के अरबपति प्रवर्तकों की कुल संपत्ति (डॉलर में) में 5 फीसदी की कमी आई जबकि वित्त वर्ष 2025 के दौरान भारत की नॉमिनल जीडीपी में 7.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। नतीजतन, भारत की जीडीपी के प्रतिशत के रूप में अरबपतियों की कुल संपत्ति साल 2025 में घटकर 25.2 फीसदी रह गई जो इससे पिछले वर्ष में 28.5 फीसदी थी। यह पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 2025 के दौरान देश के 176 अरबपतियों की कुल संपत्ति (डॉलर मद में) घटकर 984.2 अरब डॉलर हो गई जो  दिसंबर 2024 के अंत में 1036.2 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर थी। अरबपतियों की जमात भी 2024 के 204 से सिकुड़कर 2025 में 176 रह गई।

अरबपति प्रवर्तकों की संख्या और उनकी संपत्ति में गिरावट का मुख्य कारण शेयर बाजार में नरमी, परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों का खराब प्रदर्शन और साल 2025 में डॉलर के मुकाबले रुपये में लगभग 5.7 फीसदी की गिरावट है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल सभी 1,461 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण साल 2025 में 4.2 फीसदी बढ़ा जबकि परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण केवल 3 फीसदी बढ़ा। हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है और देश की नॉमिनल जीडीपी वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 3,909.9 अरब डॉलर रही, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 3,638.5 अरब डॉलर थी।

भारत की जीडीपी को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रकाशित संबंधित वित्त वर्ष के लिए रुपये की औसत विनिमय दर का उपयोग करके डॉलर में परिवर्तित किया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में रुपया/डॉलर विनिमय दर औसतन 84.57 थी, जो वित्त वर्ष 2024 के दौरान औसतन 82.78 से कम थी। भारत की जीडीपी रुपये में 9.8 फीसदी बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 330.7 लाख करोड़ रुपये हो गई जो वित्त वर्ष 2024 में 301.2 लाख करोड़ रुपये थी।

पिछले चार वर्षों में अरबपतियों की संपत्ति में दिसंबर 2021 के अंत में 756.8 अरब डॉलर से 6.8 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढ़कर साल 2025 के अंत में 984.2 अरब डॉलर हो गई।

 इसकी तुलना में भारत की नॉमिनल जीडीपी को जब डॉलर में परिवर्तित किया गया, तो वित्त वर्ष 2021 के 2674.9 अरब डॉलर से सालाना 10 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 3909.9 डॉलर रही।

इसकी तुलना में अरबपति प्रवर्तकों की संख्या में पिछले चार वर्षों में 5.5 फीसदी चक्रवृद्धि दर से वृद्धि हुई है, जो साल 2021 के अंत में 142 से बढ़कर 2025 के अंत में 176 हो गई है। इसके उलट साल 2014 से 2021 की अवधि के दौरान भारत की जीडीपी वृद्धि में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि के बावजूद अरबपतियों की जमात और उनकी संपत्ति में तेजी से विस्तार हुआ। अरबपतियों की कुल संपत्ति इस अवधि में 23.6 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ी और 2014 के अंत में 171.3 अरब डॉलर से बढ़कर साल 2021 के अंत में 756.8 अरब डॉलर हो गई है। 

इसी अवधि में अरबपति प्रवर्तकों की संख्या साल 2021 के अंत में 42 से बढ़कर 3 गुना से अधिक 142 हो गई। भारत की नॉमिनल जीडीपी वित्त वर्ष 2014 में 1876.8 अरब डॉलर से वित्त वर्ष 2021 में सालाना 5.2 फीसदी चक्रवृद्धि  दर से 2674.9 अरब डॉलर हो गई।

शेयर बाजार में व्यापक नरमी और अरबपतियों की जमात में गिरावट हाल के वर्षों में मजबूत जीडीपी वृद्धि के बावजूद कॉरपोरेट राजस्व और लाभ में मंदी को दर्शाती है। 

First Published : January 4, 2026 | 10:26 PM IST