ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान | फाइल फोटो
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि विकसित भारत-रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन (विकसित भारत-जी राम-जी) योजना को लेकर कांग्रेस गलत सूचना फैला रही है।
चौहान ने यहां संवाददाता सम्मेलन में विकसित भारत-जी राम-जी योजना के खिलाफ कांग्रेस के आगामी अभियान की आलोचना की। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद क्यों नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की घोषणा की है। यह वास्तव में भ्रष्टाचार बचाओ अभियान है।’
उन्होंने कहा, ‘मनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था। ग्राम सभाओं द्वारा किए गए सामाजिक ऑडिट में 10,51,000 से अधिक शिकायतें मिलीं। एक ही काम दोहराया गया, काम मशीन से कराया गया, नहरों एवं सड़कों की सफाई के नाम पर धन की हेरा-फेरी की गई। तीस प्रतिशत मजदूर 60 वर्ष से ऊपर थे।’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत 8,48,000 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान दो लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए गए। क्या स्थायी संपत्तियां बनाई गईं? क्या इस धन का इस्तेमाल विकास के लिए हो सका?’
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस झूठ की फैक्टरी है। अब वे कह रहे हैं कि मजदूरों को काम नहीं मिलेगा।’ उन्होंने दावा किया कि विकसित भारत-जी राम-जी के तहत मजदूरों के हित बेहतर ढंग से सुरक्षित रहेंगे। अगले वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 1,51,282 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे जिनमें से 95,600 करोड़ रुपये से अधिक केंद्र का हिस्सा होगा।
उन्होंने कहा, ‘125 दिन के लिए पर्याप्त धन है। इससे गांवों का विकास भी सुनिश्चित होगा।’ उन्होंने दावा किया कि विकसित भारत-जी राम-जी, मनरेगा से बेहतर योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस से मेरी अपील है कि वह गलत सूचना और झूठ न फैलाए। इसके बजाय, इस योजना को बेहतर बनाने के लिए उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहिए।’
कांग्रेस ने शनिवार को कहा था कि वह अगले सप्ताह से करीब 45 दिवसीय ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत करेगी और ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को न्यायालय में चुनौती भी देगी।