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Sensex पहली बार 78,000 के पार, निजी बैंकों के शेयर में तेजी से झूमा बाजार

बैंक शेयरों में उछाल के साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार खरीदारी से दोनों सूचकांकों को करीब दो हफ्ते में सबसे अच्छी बढ़त में मदद मिली।

Last Updated- June 25, 2024 | 10:52 PM IST
Clearing Corporation should be separated from the stock exchange: SEBI स्टॉक एक्सचेंज से अलग हो क्लियरिंग कॉरपोरेशन: सेबी

निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में तेज उछाल के बीच बेंचमार्क सेंसेक्स (Sensex) आज पहली बार 78,000 के पार निकल गया। निजी बैंकों का इंडेक्स में ऊंचा भारांक है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार खरीद और रिलायंस इंडस्ट्रीज में बढ़त से मनोबल को मजबूती मिली। इससे बेंचमार्क को दो हफ्ते में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज करने में मदद मिली।

सेंसेक्स 712 अंक चढ़कर 78,053 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी-50 ने 184 अंकों के इजाफे के साथ 23,721 पर कारोबार की समाप्ति की। सेंसेक्स और निफ्टी कारोबारी सत्र और बंद आधार पर नई ऊंचाई पर पहुंचे।

एक्सचेंजों के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई 1,176 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे। इस महीने ज्यादातर कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार रहे हैं और संचयी तौर पर उनका निवेश 14,828 करोड़ रुपये रहा।

सेंसेक्स की बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान अग्रणी भारांक वाले एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और ऐक्सिस बैंक (Axis Bank) ने दिया। निजी क्षेत्र के तीनों बैंक इस उम्मीद के बीच 2.3 फीसदी से ज्यादा चढ़े कि ऋण में मजबूत वृद्धि होगी, परिसंपत्ति गुणवत्ता ठीक रहेगी और मार्जिन भी बढि़या रहेगा। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुकाबले उनके कमजोर प्रदर्शन के कारण भी विश्लेषकों ने इनकी खरीद की सलाह दी थी।

विश्लेषकों ने कहा कि निजी बैंकों में खरीदारी में दिलचस्पी और बाजार के अनुकूल नीतियां जारी रहने की उम्मीद से एफपीआई के निवेश में सुधार हुआ है। निजी क्षेत्र के बैंक इस साल बढ़त के मामले में ऑटोमोबाइल और मेटल जैसे क्षेत्र से पिछड़ रहे हैं। इस साल जनवरी से अब तक निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 5 फीसदी बढ़ा है जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 35.6 फीसदी और मेटल इंडेक्स में 23.6 फीसदी का इजाफा हुआ है।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यू आर भट्ट ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों को लेकर यह चिंता थी कि वे विलय और प्रबंधन में बदलाव जैसी परिस्थितियों में कैसे काम करेंगे।

हालांकि स्थितियां में स्थिर हुई हैं और वे वृद्धि दर्ज करने की स्थिति में हैं। अब उम्मीद है कि बजट वृद्धि को गति देने वाला होगा और बाजारों के ऊंचे स्तर पर पहुंचने की अभी और गुंजाइश है।

बेहतर आर्थिक संकेतकों ने भी भारतीय शेयरों को मजबूत बनाया। सोमवार को जारी आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने मार्च तिमाही के दौरान चालू खाते में 5.7 अरब डॉलर का सरप्लस दर्ज किया है। यह जीडीपी का 0.6 फीसदी है। 10 तिमाहियों में चालू खाते में सरप्लस का यह भारत का पहला रिकॉर्ड है।

स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि अब कोई अहम नकारात्मक चीजें नहीं हैं और सभी आर्थिक आंकड़े सकारात्मक हैं। जब तक कि नकारात्मक खबरें नहीं आतीं, बाजार में बढ़त का सिलसिला जारी रहेगा। बाजार महंगे और जरूरत से ज्यादा उत्साह से भरे हैं लेकिन जब तक लोग कमाई करते रहेंगे, उनका निवेश जारी रहेगा।

बाजार में चढ़ने और गिरने वाले शेयरों का अनुपात मिलाजुला रहा और 2,149 शेयर गिरे जबकि 1,747 में बढ़ोतरी हुई। व्यापक निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांक भी कारोबारी सत्र के दौरान नई ऊंचाई को छू गए लेकिन दिन के उच्चस्तर से नीचे बंद हुए।

आने वाले समय में आम बजट और जून तिमाही के कंपनियों के नतीजे बाजार को दिशा देंगे। निवेशक आगामी संकेतों के लिए अमेरिका और चीन के आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे और इस हफ्ते अमेरिकी फेड अधिकारियों के बयान पर भी।

First Published - June 25, 2024 | 10:17 PM IST

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