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SME IPOs के लिए नियमों को सख्त करने की तैयारी, सेबी ने जारी किया कंसल्टेशन पेपर; क्या है एक्सपर्ट की राय

सेबी के प्रस्तावों पर एक्सपर्ट का कहना है कि नियमों को सख्त बनाए जाने से चेक एंड बैलेंस बेहतर होगा। साथ ही कम्प्लायंस और बेहतर होगा।

Last Updated- November 20, 2024 | 10:44 AM IST
SEBI
Stock Market

SME IPOs: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (SME) के लिस्टिंग नियमों को सख्त बनाने की तैयारी में है। सेबी ने एसएमई लि​स्टिंग के फ्रेमवर्क की समीक्षा के लिए कंसल्टेशन पेपर जारी किया है. इसमें न्यूनतम आवेदन रा​शि दोगुना करने का प्रस्ताव भी शामिल है। साथ ही एसएमई आईपीओ के लिए कुछ नियमों को मेनबोर्ड इश्यू पर लागू नियमों के अनुरूप करने का प्रस्ताव रखा है। सेबी की ओर से एसएमई के लिए लिस्टिंग नियमों में सुधार का यह प्रस्ताव कुछ मार्केट प्रतिभागियों द्वारा एसएमई प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से संबंधित मामलों की बढ़ती संख्या के बीच आया है। सेबी के प्रस्तावों पर एक्सपर्ट का कहना है कि नियमों को सख्त बनाए जाने से चेक एंड बैलेंस बेहतर होगा। साथ ही कम्प्लायंस और बेहतर होगा।

सेबी की ओर से जारी कंसल्टेशन पेपर में न्यूनतम आवेदन रा​शि को दोगुना कर 2 लाख रुपये करने, ऑफर फार सेल (OFS) की सीमा को इश्यू साइज के 20 फीसदी तक सीमित करने, आईपीओ के जरिए जुटाई गई रकम का उचित इस्तेमाल करने के लिए निगरानी एजेंसियों की नियुक्ति अनिवार्य करने समेत कई अन्य प्रस्ताव किए गए हैं।

सेबी SME IPO को सफल घोषित करने के लिए आवंटियों की न्यूनतम संख्या को मौजूदा 50 से बढ़ाकर 200 करने पर विचार कर रहा है। कंसल्टेशन पेपर में एसएमई आईपीओ में मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन (MPC) पर लॉक-इन को बढ़ाकर 5 साल करने के अलावा, एमपीसी से ज्यादा प्रमोटरों की होल्डिंग पर लॉक-इन को चरणबद्ध तरीके से जारी करने का प्रस्ताव है।

पात्रता शर्तों में, सेबी न्यूनतम इश्यू साइज को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने, आईपीओ आवेदन से पहले के तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम दो में संबंधित एसएमई का मिनिमम ऑपरेटिंग प्रॉफिट 3 करोड़ रुपये और शेयरों के लिए न्यूनतम फेस वैल्यू 10 रुपये रखने पर विचार कर रहा है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पास इमर्ज (SME IPO) एसएमई प्लेटफॉर्म है, जबकि BSE के पास बीएसई एसएमई (BSE SME) एक अलग प्लेटफॉर्म है। पिछले वित्त वर्ष में 196 इश्यू के साथ सबसे ज्यादा SME IPO आए। जिनसे 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई गई। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर तक 159 SME IPO के जरिए 5,700 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटाए जा चुकी है। इसके अलावा सेबी ने कुछ शर्तों को पूरा करने पर एसएमई को बेन बोर्ड में माइग्रेट करने की अनुमति का प्रस्ताव रखा है।

क्या है एक्सपर्ट की राय

सीएस फर्म MMJC के फांउडर मकरंद एम जोशी का कहना है, सेबी की ओर से एसएमई के लिए लिस्टिंग नियमों और कम्प्लायंस आवश्यकताओं में सुधार का प्रस्ताव कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट्स की ओर से एसएमई प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या के बीच आया है। सख्त कम्प्लायंस नियमों से अवांछित हेरफेर का पता लगाने के लिए ‘चेक एंड बैलेंस’ सुनिश्चित होगा। सेबी के नए प्रस्ताव से एसएमई के लिए कम्प्लायंस लागत बढ़ सकती है। इससे पहले, दिसंबर 2023 में सेबी ने अनुचित ट्रेड प्रे​क्टिस पर निगरानी बढ़ाने के लिए एसएमई सेगमेंट पर एडिशनल सर्विलांस उपाय लागू किए थे।

 

First Published - November 20, 2024 | 10:44 AM IST

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