ITC Share: एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी आईटीसी के शेयर गुरुवार (30 जनवरी) को बाजार में गिरावट के बावजूद इंट्रा-डे में 2 प्रतिशत तक चढ़ गए। कंपनी के शेयरों में यह तेजी दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद देखने को मिली। ब्रोकरेज हाउसेस के मुताबिक, बाजार में गिरावट के बावजूद आईटीसी के शेयर इसलिए चढ़ रहे हैं क्योंकि एफएमसीजी दिग्गज कंपनी ने तीसरी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। दिसंबर तिमाही के नतीजों में आईटीसी ने स्थिर टॉपलाइन ग्रोथ के साथ मार्जिन में संतुलित सुधार दिखाया है। यह कंपनी के विविध कारोबार मॉडल और बेहतर एग्जीक्यूशन की वजह से संभव हो पाया है।
मोतीलाल ओसवाल ने आईटीसी पर ‘Neutral‘ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस बदलकर 365 रुपये कर दिया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव 318 रुपये से 17 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज का कहना है कि आईटीसी के मुख्य सिगरेट कारोबार ने तीसरी तिमाही में स्थिर प्रदर्शन किया। जबकि एफएमसीजी कारोबार में अच्छी मजबूती दिखी और ऑपरेटिंग मुनाफे में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। हाल ही में जीएसटी और एक्साइज ड्यूटी में किए गए बदलावों से सिगरेट पर टैक्स में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू हो गई है। इन टैक्स बदलावों के ऐलान के बाद हमने आईटीसी पर अपनी रेटिंग BUY से डाउनग्रेड कर Neutral कर दी है।
एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने आईटीसी पर ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस घटाकर 408 रुपये कर दिया है। पहले यह 445 रुपये था। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2025 से 2028 के दौरान राजस्व में 7 प्रतिशत और परिचालन लाभ में 6 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। इसकी मुख्य वजह सिगरेट कारोबार में कंपनी की बाजार में अग्रणी स्थिति और महंगे स्टॉक के उपयोग से प्रॉफिटेबिलिटी में संभावित सुधार है। इसके अलावा, कागज कारोबार की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार से आईटीसी के कुल लाभ के स्तर में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
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नुवामा ने आईटीसी पर ‘Hold‘ की रेटिंग को बरकरार रखा है। साथ ही टारगेट प्राइस 415 रुपये से घटाकर 365 रुपये कर दिया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव के मुकाबले 17 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज ने कहा कि स्ट्रेटेजिक पोर्टफोलियो में किए गए बदलावों से अवैध कारोबार के दबाव के बीच कंपनी की बाजार स्थिति और मजबूत हुई है। हालांकि पत्तेदार तंबाकू की लागत अब भी ऊंची बनी हुई है। लेकिन खरीद कीमतों में नरमी के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं। कृषि कारोबार ने इस तिमाही में ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, जहां सालाना आधार पर आय में 6.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़त पत्तेदार तंबाकू में मजबूत ग्रोथ और एक्वा व कॉफी जैसे वैल्यू-ऐडेड कृषि उत्पादों की अच्छी मांग की वजह से रही।
ब्रोकरेज के अनुसार, भारत में पहले से ही अवैध सिगरेट बाजार काफी बड़ा है, जो उद्योग के लगभग एक-तिहाई हिस्से के बराबर है। ऐसे में टैक्स में की गई यह अभूतपूर्व बढ़ोतरी सस्ती श्रेणी की ओर झुकाव और अवैध कारोबार को और तेज कर सकती है। इससे टैक्स स्थिरता के दौर में दिखी हालिया वॉल्यूम रिकवरी पर पानी फिर सकता है। हमारा मानना है कि इससे वैध उद्योग के वॉल्यूम पर दबाव पड़ेगा और पूरी वैल्यू चेन प्रभावित होगी। यही मुख्य वजह है कि हमें पहले की मजबूती के बावजूद वित्त वर्ष 2027–28 में आईटीसी के सिगरेट वॉल्यूम में गिरावट की आशंका है।
सिगरेट से लेकर साबुन बनाने वाली कंपनी आईटीसी ने गुरुवार को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा की। 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 4,931.19 करोड़ रुपये रहा, जो नई श्रम संहिता लागू होने से जुड़े एक बार के प्रावधान और वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के असाधारण मदों से प्रभावित था। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 4,934.80 करोड़ रुपये था।
ब्लूमबर्ग ने शुद्ध लाभ 5,232 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में 21,706.64 करोड़ रुपये का समेकित सकल राजस्व दर्ज किया है, जो एक साल पहले के 20,349.96 करोड़ रुपये से 6.7 प्रतिशत ज्यादा है। शुद्ध राजस्व 20,047 करोड़ रुपये रहा, जो ब्लूमबर्ग के 19,030 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक था। पिछली तिमाही की तुलना में, शुद्ध राजस्व में 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और शुद्ध लाभ में 3.8 प्रतिशत की गिरावट आई। बोर्ड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए प्रति शेयर 6.50 रुपये के अंतरिम लाभांश की सिफारिश की है।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)