Dabur India Stock: टूथपेस्ट और शहद जैसे रोजाना इस्तेमाल वाले प्रोडक्ट्स बनाने वाली दिग्गज एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India Ltd) के शेयर मंगलवार (6 जनवरी) को शुरुआती कारोबार में 4 फीसदी तक टूट गए। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट तीसरी तिमाही के अपडेट जारी करने के बाद आई है। कंपनी ने बताया कि फेवरेबल मैक्रोइकॉनॉमिक हालात और हालिया टैक्स सुधारों से आने वाले तिमाहियों में मांग में लगातार सुधार और रेवेन्यू की रफ्तार बेहतर होने की उम्मीद है। कंपनी के तिमाही अपडेट के बाद ब्रोकरेज फर्म्स ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग बरकरार रखी है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा ग्रोथ के साथ मांग में तेजी के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं।
सेंट्रम ब्रोकिंग ने डाबर इंडिया पर अपनी ‘BUY‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 625 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर मौजूदा भाव से 20 प्रतिशत का रिटर्न दे सकते है। डाबर इंडिया के शेयर सोमवार को 521 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज का मानना है कि डाबर का तिमाही अपडेट मिला-जुला रहा। इसके प्रमुख सकारात्मक पहलुओं में मांग में सुधार के शुरुआती संकेत शामिल हैं। जहां ग्रामीण मांग शहरी मांग से बेहतर रही। डाबर की ग्रामीण बाजार में मौजूदगी अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ज्यादा है। इसके अलावा होम और पर्सनल केयर सेगमेंट में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें हेयर ऑयल और ओरल केयर में बाजार हिस्सेदारी बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भी पिछले तिमाही से सुधार देखने को मिला और ऑपरेटिंग प्रॉफिट की बढ़त टॉपलाइन ग्रोथ से तेज रही। इससे एबिटा मार्जिन में विस्तार हुआ।
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ब्रोकरेज ने कहा तिमाही अपडेट के नकारात्मक पक्षों की बात करें तो अनुकूल मौसम और कमजोर बेस के बावजूद च्यवनप्राश पोर्टफोलियो में सेकेंडरी सेल्स का प्रदर्शन सुस्त रहा। इसके साथ ही बेवरिज पोर्टफोलियो में कमजोरी बनी रही।
नोमुरा ने डाबर इंडिया (Dabur India) पर अपनी खरीदारी की सलाह को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 580 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 11 फीसदी ज्यादा है।
ब्रोकरेज का मानना है कि डाबर की राजस्व से जुड़ी उम्मीदें भले ही मोटे तौर पर अनुमान के अनुरूप हों, लेकिन इनमें कमजोरी नजर आती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, सालाना और तिमाही आधार पर कम बेस, तीसरी तिमाही में सामान्य तौर पर होने वाली विंटर लोडिंग और कड़ी सर्दी के बावजूद बिक्री वृद्धि पर असर पड़ा है और सुधार में अभी देरी दिख रही है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि तीसरी तिमाही में भारत में डाबर की बिक्री सालाना आधार पर 5.3 फीसदी बढ़ी है, जो मुख्य रूप से लो-सिंगल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ से आई है। वहीं, कंसॉलिडेटिड स्तर पर दिसंबर तिमाही में कुल बिक्री 6 फीसदी सालाना बढ़ने का अनुमान है।
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कंपनी ने सोमवार को जारी अपडेट में बताया कि तिमाही के दौरान मांग में सुधार के शुरुआती संकेत देखने को मिले। इसमें जीएसटी दरों में संशोधन से मदद मिली। अक्टूबर 2025 में डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स ने चैनल में मौजूद पहले से अधिक कीमत वाले स्टॉक को खत्म करने पर ध्यान दिया। ट्रेड के स्थिर होने के बाद शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में उपभोक्ता धारणा में सुधार देखा गया। इस तिमाही में भी ग्रामीण मांग का प्रदर्शन शहरी मांग से बेहतर बना रहा।
भारत कारोबार के तहत डाबर को उम्मीद है कि होम और पर्सनल केयर बिजनेस में दो अंकों की वृद्धि होगी, जिसे हेयर ऑयल और ओरल केयर कैटेगरी में मजबूत ग्रोथ का सहारा मिलेगा। कंपनी की फाइलिंग के मुताबिक, उसके पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा कैटेगरी ग्रोथ से तेज बढ़ता रहा और तिमाही के दौरान बाजार हिस्सेदारी में बढ़त दर्ज करने की उम्मीद है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)