facebookmetapixel
सफायर फूड्स का देवयानी इंटरनेशनल में मर्जर, शेयरहोल्डर्स को होगा फायदा? जानें कितने मिलेंगे शेयरसिगरेट कंपनियों के शेयरों में नहीं थम रही गिरावट, लगातार दूसरे दिन टूटे; ITC 5% लुढ़कानए मेट्रो एयरपोर्ट से हॉस्पिटैलिटी कारोबार को बूस्ट, होटलों में कमरों की कमी होगी दूरदिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार धीमी, PMI घटकर 55.0 पर आयानए साल की रात ऑर्डर में बिरयानी और अंगूर सबसे आगेमैदान से अंतरिक्ष तक रही भारत की धाक, 2025 रहा गर्व और धैर्य का सालमुंबई–दिल्ली रूट पर एयर इंडिया ने इंडिगो को पीछे छोड़ाअगले साल 15 अगस्त से मुंबई–अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेनगलत जानकारी देकर बीमा बेचने की शिकायतें बढ़ीं, नियामक ने जताई चिंता1901 के बाद 2025 रहा देश का आठवां सबसे गर्म साल: IMD

सेंसेक्स ने फिर लगाया गोता

Last Updated- December 07, 2022 | 8:47 PM IST

वैश्विक मंदी के चलते तेल-गैस और बिजली खंड के शेयरों में जोरदार बिकवाली ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स को एक बार फिर गोता खिला दिया।


सेंसेक्स में इसके कारण लगभग 338 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स कारोबार के अंत में 338.32 अंकों की गिरावट के साथ 14,324.29 अंक पर बंद हुआ।

भारतीय रुपये के लुढ़कने के कारण बाजार में यह आशंका फैल गई कि और अधिक मात्रा में शेयर बाजार से पूंजी का बाहरी प्रवाह होगा।

First Published - September 12, 2008 | 12:24 AM IST

संबंधित पोस्ट