facebookmetapixel
Advertisement
भारत एलएलएम में पीछे, लेकिन AI सॉल्यूशंस से बन सकता है ग्लोबल लीडर: BS मंथन में बोले नीलेश शाहBS Manthan 2026: क्या ‘प्रोडक्टिविटी कमीशन’ बनेगा नया नीति आयोग? सुमन बेरी का बड़ा संकेतसिर्फ जनसंख्या से नहीं बनेगा विकसित भारत, बीएस मंथन में बेरी ने बताया असली फॉर्मूलातेजी से बदल रहा भारत का FMCG सेक्टर, Gen-Z इसमें भी ला रहे विविधता: ITC चैयरमेन संजीव पुरीभारतीय बाजारों से FIIs लगातार क्यों निकाल रहे पैसा? जेफरीज के Chris Wood ने बताए ‘2’ बड़े कारणMexico Cartel Leader Killed: इश्क, इंटेलिजेंस और इनकाउंटर! मैक्सिको की सबसे बड़ी कार्रवाई की पूरी कहानीAI रेस में चीन सबसे आगे, भारत कर रहा ‘रिवर्स AI ट्रेड’: Jefferies के क्रिस्टोफर वुडAuto Stocks: निर्यात में उछाल, मुनाफे में दम- क्या ये 3 शेयर बनेंगे 2026 के सुपरस्टार?Business Standard Manthan – 2026 | Day 1- Hall 1Gold-Silver Price Today: MCX पर सोना टूटा, चांदी में जबरदस्त उछाल; जानें निवेशकों के लिए क्या है संकेत

LS इंडस्ट्रीज और प्रमोटरों पर सेबी की सख्त कार्रवाई

Advertisement

कपड़ा कंपनी एलएस इंडस्ट्रीज के शेयरों में धोखाधड़ी कर कीमतें बढ़ाने के मामले में सेबी ने प्रमोटर प्रोफाउंड फाइनैंस और चार अन्य को प्रतिबंधित किया

Last Updated- February 11, 2025 | 9:54 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर कीमतों में कथित जोड़तोड़ और धोखाधड़ी करने पर मंगलवार को एलएस इंडस्ट्रीज, प्रमोटर प्रोफाउंड फाइनैंस और चार अन्य को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया। नियामक ने पाया कि कपड़ा कंपनी ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में नगण्य राजस्व दर्ज किया था, लेकिन शिखर पर इसका बाजार पूंजीकरण 22,700 करोड़ रुपये था। अभी कंपनी का मार्केट कैप 5,768 करोड़ रुपये है।

जांच से पता चला कि अक्टूबर 2022 में कंपनी के एक पूर्व निदेशक सुएट मेंग चे ने बाजार से बाहर सौदे में कंपनी में अपनी पूरी 12.12 फीसदी हिस्सेदारी दुबई के एनआरआई जहांगीर पी. पी. को हस्तांतरित कर दी। ऑफ-मार्केट में हस्तांतरित शेयरों की कीमत 15 रुपये प्रति शेयर पर लगभग 154 करोड़ रुपये थी। लेकिन केवल 75 रुपये या 1 डॉलर में पूरी हिस्सेदारी बेच दी गई। सेबी के निष्कर्षों से पता चला कि कई संस्थाओं द्वारा सुबह 9 बजे ऊपरी सर्किट सीमा पर संदिग्ध खरीद ऑर्डर दिए गए, जिससे शेयर की कीमत में वृद्धि हुई। इस तरह के चलन ने दो महीने की छोटी अवधि के भीतर ही कीमत में 11 गुना इजाफा कर दिया।

सितंबर में जब शेयर की कीमत 267.5 रुपये के शिखर पर थी तो जहांगीर ने कुछ शेयर बेच दिए। ट्रेडिंग पैटर्न से पता चला कि उन्होंने अपने अधिकांश शेयर केवल उस दौरान बेचे, जब कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी। उछाल के बाद उन्हीं संस्थाओं द्वारा निचले सर्किट पर बिकवाली के कारण शेयर ने रोजाना निचले सर्किट को छूना शुरू कर दिया।

जहांगीर को मिले 10.28 करोड़ शेयरों में से उन्होंने 1.06 लाख शेयर बेच दिए और 1.14 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। सेबी ने इस अवैध लाभ को जब्त करने का निर्देश दिए हैं और जहांगीर को बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है।

 

Advertisement
First Published - February 11, 2025 | 9:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement