facebookmetapixel
Advertisement
क्रेडिट कार्ड बंद करने की सोच रहे हैं? कही जेब पर भारी न पड़ जाए ‘प्लास्टिक मनी’ से दूरी का यह फैसला!South India में मजदूरों की भारी किल्लत: कंपनियां दे रही हैं फ्री फ्लाइट और तगड़ा सैलरी हाइक!अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है यह कंपनी, निवेशकों को 1 के बदले मिलेंगे 2 शेयर‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावापेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बेहाल, 5 घंटे काम बंद रखकर जताएंगे विरोधNPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्मआसमान में भारत की ताकत बढ़ाने की जरूरत, वायुसेना ने ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन कार्यक्रम को तेज करने पर दिया जोर

बजट के बाद की अवधि निफ्टी के लिए मुफीद

Advertisement

11 मौकों में से आठ बार बेंचमार्क एनएसई निफ्टी ने सकारात्मक रिटर्न दिया और उसकी एक महीने की औसत बढ़त 5.7 फीसदी रही।

Last Updated- July 14, 2024 | 11:04 PM IST
Nifty 50

बजट के बाद निफ्टी का औसत रिटर्न 5.7 फीसदी जो बजट से पहले की गिरावट को पीछे छोड़ देता है। बजट के बाद की एक महीने की अवधि इक्विटी बाजारों के लिए अनुकूल होती है। अमेरिकी ब्रोकरेज बैंक ऑ्रफ अमेरिका (बोफा) ने पिछले दशक के बजटों का विश्लेषण के आधार पर यह संकेत दिया है।

11 मौकों में से आठ बार बेंचमार्क एनएसई निफ्टी ने सकारात्मक रिटर्न दिया और उसकी एक महीने की औसत बढ़त 5.7 फीसदी रही। इसकी तुलना में आम बजट से एक महीने पहले छह मौकों पर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए जबकि पांच मौकों पर नुकसान दर्ज किया। इस तरह से उनके रिटर्न में औसतन 0.2 फीसदी की गिरावट रही। हालांकि इस बार बाजार उत्साहित नजर आ रहा है और पिछले एक महीने निफ्टी में 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हुई है।

विश्लेषक अब पूंजीगत खर्च, थोड़े लोकलुभावन और राजकोषीय घाटे के विवेकी लक्ष्यों को लेकर आशावादी हैं। बोफा के प्रबंध निदेशक और भारत में शोध प्रमुख अमिष शाह ने कहा कि हमें उम्मीद है कि राज्यों में पूंजीगत खर्च को गति देने के लिए 6.6 अरब डॉलर का आवंटन होगा जबकि उपभोग बढ़ाने को लोकलुभावन गतिविधियों पर 9.6 अरब डॉलर का।

साथ ही 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं होगा। बजट से पहले शाह ने स्टैपल्स, ऑटोमोटिव और पूंजीगत खर्च से लाभ पाने वाले क्षेत्रों मसलन मॉर्गेज फाइनैंस, पावर, इंडस्ट्रियल्स, सीमेंट और मेटल्स को फायदा मिलने का अनुमान जताया है।

Advertisement
First Published - July 14, 2024 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement