facebookmetapixel
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अफवाहों का किया खंडन, आईसीसी के अल्टीमेटम की खबरें निराधारकेरल के वायनाड में पेपरलेस कोर्ट की शुरुआत, AI से चलने वाला डिजिटल न्यायालय सिस्टम लागूएक्स की प्रतिक्रिया से असंतुष्ट सरकार, अश्लील सामग्री रोकने की दी चेतावनीनेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, दोनों नेताओं ने आतंक से लड़ने का संकल्प लियारविवार 1 फरवरी को आ सकता है साल 2026 का केंद्रीय बजट, CCPA ने रखा प्रस्तावNSO ने जीडीपी ग्रोथ का अपना पहला अग्रिम अनुमान जारी किया, वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने की आसवर्क फ्रॉम होम को अलविदा: कर्मियों को दफ्तर बुलाने पर आईटी कंपनियों का जोरइंडिगो एंटीट्रस्ट जांच के तहत सरकार ने एयरलाइंस से किराए का डेटा मांगाTata Steel का रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन, भारत में कच्चा स्टील उत्पादन पहली बार 60 लाख टन के पारलैब-ग्रो डायमंड बाजार में टाइटन की एंट्री, ‘बीयॉन’ ब्रांड से लीडर बनने की तैयारी

बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं फंडों में निवेश

Last Updated- May 28, 2023 | 9:20 PM IST
6 new fund companies will enter the mutual fund industry this year इस साल म्युचुअल फंड उद्योग में 6 नई फंड कंपनी देंगी दस्तक

वैश्विक महामारी के बाद सक्रिय इक्विटी म्युचुअल फंडों के निवेश से पता चलता है कि निवेशकों का एक वर्ग बाजार पर नजर रख रहा है। पिछले कुछ वर्षों में शुद्ध मासिक निवेश से पता चलता है कि यह बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है। बाजार में गिरावट के दौरान भी शुद्ध निवेश बढ़ा है।

उदाहरण के लिए दिसंबर 2022 से मार्च 2023 की अवधि ली जा सकती है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 लगातार तीन महीने (दिसंबर से लेकर फरवरी तक) निचले स्तर पर बंद हुआ था और मार्च के दौरान इसने 0.32 फीसदी की मामूली वृद्धि दर्ज की थी।

एक्टिव म्युचुअल फंडों का शुद्ध मासिक निवेश औसतन 14,000 करोड़ रुपये रहा। इसकी तुलना में, जब 2022 में बाजार की स्थिति जुलाई से अगस्त और अक्टूबर से नवंबर तक बेहतर थी, तो निवेश औसतन 6,600 करोड़ रुपये था।

फंड्स इंडिया के उपाध्यक्ष और शोध प्रमुख अरुण कुमार ने कहा, ‘बाजार के चढ़ने और सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहने के दौरान घरेलू निवेशक आमतौर पर सतर्क हो जाते हैं। निवेश कमजोर हो जाता है।

इसके अलावा, अगर हाल ही बाजार अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आया है तो अधिकतर निवेशक गिरावट का अनुमान लगाते हैं और अपने नए निवेश को कुछ वक्त के लिए टाल देते हैं। हाल के वर्षों में बाजार में सुधार के दौरान एसआईपी में निवेश बढ़ जाता है।’

Also read: IPO में तेजी से बढ़ेगी छोटे निवेशकों की दिलचस्पी

उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ऐसा केवल निवेशकों का एक वर्ग ही करता है क्योंकि SIP के माध्यम से निवेश पूरे बाजार चक्र में मजबूत बना हुआ है।

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) निलेश शाह ने कहा, ‘निवेशकों में एकरूपता नहीं है। लाखों निवेश ऐसे हैं जो इक्विटी म्युचुअल फंडों में SIP करते हैं। कई निवेशक ऐसे भी हैं जो बाजार पर नजर रखते हैं। स्मार्ट निवेशक वे होते हैं जो अनुशासित तरीके से निवेश करना जारी रखते हैं। आप जो देख रहे हैं वह SIP निवेशकों, बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों और अनुशासित निवेशकों का योग है। SIP को स्वीकारने में निवेशकों द्वारा दिखाई गई परिपक्वता सही मायने में म्युचुअल फंड उद्योग के लिए सही है।’

Also read: बीमा, म्युचुअल फंड वेंचर की 15 से 18 महीनों में कराएंगे लिस्टिंग: CEO,केनरा बैंक

SIP के माध्यम से सकल निवेश पर पिछले दो वर्षों में बाजार की चाल से कोई असर नहीं पड़ा है।

First Published - May 28, 2023 | 6:35 PM IST

संबंधित पोस्ट