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अदाणी समूह का एमकैप चौथाई घटा

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शेयरों में तगड़ी गिरावट से अदाणी समूह का बाजार पूंजीकरण 11 महीने के निचले स्तर पर लुढ़का

Last Updated- January 27, 2023 | 10:56 PM IST
Adani Group
Shutterstock

अदाणी समूह की वित्त व मूल्यांकन पर अमेरिकी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने एक्सचेंजों पर समूह की बढ़त पर विराम लगा दिया है। बुधवार सुबह रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद से अदाणी समूह का संयुक्त बाजार पूंजीकरण एक चौथाई से ज्यादा घटा है और अब बाजार पूंजीकरण की सूची में यह समूह मुकेश अंबानी समूह से पीछे चला गया है।

अदाणी समूह की 10 कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को घटकर 15.02 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होने से एक दिन पहले मंगलवार को 19.20 लाख करोड़ रुपये था।

इसकी तुलना में मुकेश अंबानी समूह की 10 कंपनियों (आरआईएल समेत) का एमकैप इस दौरान 3.21 फीसदी घटकर शुक्रवार को 16.09 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो मंगलवार को 16.63 लाख करोड़ रुपये था। एमकैप की सूची में टाटा समूह सबसे ऊपर बना हुआ है और समूह का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 21.6 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मंगलवार को 21.74 लाख करोड़ रुपये रहा था।

पिछले साल अगस्त में अदाणी समूह ने बाजार पूंजीकरण के लिहाज से मुकेश अंबानी समूह की कंपनियों को पीछे छोड़ दिया था। पिछले दो कारोबारी सत्रों में अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई जबकि अन्य बड़े पारिवारिक स्वामित्व वाले कारोबारी समूह के शेयरों में अपेक्षाकृत सुदृढ़ता रही।

उदाहरण के लिए राहुल बजाज समूह का संयुक्त एमकैप पिछले दो दिनों में महज 0.24 फीसदी घटा जबकि एवी बिड़ला समूह की कंपनियों के एमकैप में महज 9,000 करोड़ रुपये की कमी आई, यानी उनमें 1.9 फीसदी की गिरावट आई। इसमें वोडाफोन आइडिया के आंकड़े शामिल नहीं हैं।

अदाणी समूह की फर्मों के शेयरों में पिछले दो कारोबारी सत्रों में आई गिगरावट समूह की किस्मत में पलटाव का संकेत देता है, जो एक्सचेंजों पर महामारी के बाद की तेजी में सबसे ज्यादा बढ़त अर्जित करने वाला था।

यह भी पढ़ें: Adani Group Shares: हिंडनबर्ग के सवालों से अदाणी ग्रुप के शेयर दूसरे दिन धड़ाम, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

अदाणी समूह की कंपनियों का संयुक्त एमकैप कैलेंडर वर्ष 22 में 66 फीसदी बढ़ा था और अगर अदाणी विल्मर की सूचीबद्ध‍ता और अंबुजा, एसीसी व एनडीटीवी के अधिग्रहण को जोड़ें तो समूह ने कैलेंडर वर्ष 22 में 82.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। समूह ने कैलेंडर वर्ष 22 की समाप्ति 21.3 लाख करोड़ रुपये के साथ की, जो दिसंबर 2021 के आखिर में 11.64 लाख करोड़ रुपये था।

कुल मिलाकर अदाणी समूह का बाजार पूंजीकरण जनवरी 2020 और दिसंबर 2022 के बीच 419 फीसदी बढ़ा और 4.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 21.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार की गिरावट के बाद अदाणी समूह का एमकैप अब मार्च 2022 के बाद के निचले स्तर पर है। इसकी तुलना में मुकेश अंबानी समूह का संयुक्त एमकैप कैलेंडर वर्ष 22 में 6.9 फीसदी बढ़ा जबकि बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स में पिछले कैलेंडर वर्ष में 4.4 फीसदी की तेजी आई।

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First Published - January 27, 2023 | 10:56 PM IST

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