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अगले महीनों में कीमतों में गिरावट के आसार: ज्योतिवर्द्धन जयपुरिया

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मार्च 2023 के निचले स्तरों से आई भारी तेजी के बाद बाजार अब समेकन के दौर में आते दिख रहे हैं।

Last Updated- August 06, 2023 | 11:23 PM IST

मार्च 2023 के निचले स्तरों से आई भारी तेजी के बाद बाजार अब समेकन के दौर में आते दिख रहे हैं। वेलें​टिस एडवाइजर्स के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक ज्योतिवर्द्धन जयपुरिया ने पुनीत वाधवा के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने बाजार में गिरावट आने पर खरीदारी करने के लिए कुछ नकदी तैयार रखी है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

क्या आप मानते हैं कि मार्च से बड़ी तेजी के बाद बाजारों में अब समय और कीमत-आधारित गिरावट आएगी?

कुछ सकारात्मक बदलावों से तेजी को बढ़ावा मिला है। पहला, ब्याज दरें भारत के साथ साथ वै​श्विक तौर पर भी बढ़ रही हैं। दूसरा, अमेरिकी मंदी की आशंका निराधार साबित हुई है। भारत में, अर्थव्यवस्था मजबूत है और आय दो अंक में बढ़ रही है। हालांकि मूल्यांकन लंबे समय से फेयर-वैल्यू जोन में नहीं हैं और इसलिए हमें अगले कुछ महीनों के दौरान समय और कीमत आधारित गिरावट का अनुमान है।

मार्च के निचले स्तरों से आपकी निवेश रणनीति क्या रही है?

मार्च में हम बाजारों पर आशा​न्वित थे और माना गया कि 18 महीने के बाद मूल्यांकन उचित हो गया है। लेकिन भारी तेजी ने हमें चकित कर दिया है। मोटे तौर पर हमने तीन मुख्य थीमों की पहचान की। पहला, स्थानीय खरीदारी और वै​श्विक से परहेज, क्योंकि भारतीय अ​र्थव्यवस्था दुनिया में तेजी से बढ़ेगी।

दूसरा, हम खपत थीमों की तुलना में निवेश ​थीमों को पसंद कर रहे हैं। तीसरा, हम उन क्षेत्रों पर दांव लगा रहे हैं जिनमें मार्जिन पिछले साल ऊंची जिंस कीमतों की वजह से प्रभावित हुआ था और उसके बाद इस साल मार्जिन सामान्य हुआ। हम कुछ नकदी तैयार कर रहे हैं जिससे कि गिरावट आने पर सस्ते भाव पर शेयर खरीदने में मदद मिल सके।

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क्या आप मानते हैं कि कैलेंडर वर्ष 2023 परिसंप​त्ति वर्ग के तौर पर इ​क्विटी के लिए भूल जाने योग्य वर्ष साबित होगा?

कैलेंडर वर्ष 2022 एक ऐसा वर्ष था जिसमें डेट और इ​क्विटी, दोनों को मामूली प्रतिफल देने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा, हालांकि भारतीय इ​क्विटी दुनिया में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक रहा। कैलेंडर वर्ष 2023 सभी परिसंप​त्ति वर्गों में बेहतर प्रतिफल दर्ज करेगा और इ​क्विटी में दो अंक का प्रतिफल संभावित है। ब्याज दरें दो साल पहले की तुलना में काफी ऊपर होने से डेट प्रतिफल उचित है।

क्या अगले कुछ महीने सभी तरह के शेयरों पर दांव लगाने के बजाय शेयरों के चयन से जुड़े होंगे?

भारी तेजी के बाद पैसा कमाना आसान हुआ है और अगले कुछ महीने समेकन की अव​धि वाले होंगे। निवेशकों को ऐसी कंपनियों का पता लगाने के लिए उनके बुनियादी ढांचे पर ध्यान और उन शेयरों से परहेज करने की जरूरत होगी जिनका मूल्य अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

बाजारों के लिए अगला बड़ा थीम क्या है, जिस पर ज्यादातर निवेशकों ने ध्यान नहीं दिया है?

एक क्षेत्र जिसने कमजोर प्रदर्शन किया है और हमारे लिए आकर्षक दिख रहा है, वह है अमेरिकी जेनेरिक्स फार्मास्युटिकल बाजार। इस क्षेत्र ने जेनेरिक फार्मा कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की है जिससे अमेरिकी व्यवसाय में मुनाफा घटने की आशंका बढ़ी है। हालांकि अमेरिकी जेनेरिक कीमतें सपाट होने लगी हैं और कीमतों में गिरावट अब थम रही है।

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इससे अमेरिकी जेनेरिक बाजार से जुड़ी फार्मा कंपनियों के लिए बेहतर आय वृद्धि में मदद मिल सकती है। यह एक ऐसा थीम है जिस पर निवेशकों ने अभी ज्यादा ध्यान नहीं दिया है और शेयर काफी हद तक कमजोर हैं।

अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और आगामी परिदृश्य के बारे में आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

वित्त वर्ष 2024 के लिए हमें आय वृद्धि 12-15 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जहां सॉफ्टवेयर जैसे कुछ क्षेत्र कमजोर रहेंगे, वहीं आय वृद्धि वित्त वर्ष 2023 के मुकाबले काफी हद तक व्यापक और मजबूत रह सकती है।

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First Published - August 6, 2023 | 11:23 PM IST

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