प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
शेयर बाजार में IPO की रफ्तार बनी हुई है। इसी बीच चार कंपनियों को बाजार नियामक SEBI से अपनी शुरुआती सार्वजनिक पेशकश के लिए मंजूरी मिल गई है। इनमें नैक पैकेजिंग, शिवालय कंस्ट्रक्शन, वर्मोरा ग्रैनिटो और बिहारी लाल इंजीनियरिंग शामिल हैं। ये सभी कंपनियां मिलकर 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम IPO के जरिए जुटाने की योजना बना रही हैं।
SEBI के आंकड़ों के अनुसार, इन कंपनियों ने अगस्त से सितंबर के बीच अपने ड्राफ्ट IPO पेपर्स दाखिल किए थे। इसके बाद 15 से 26 दिसंबर के बीच SEBI ने इन्हें अपने ऑब्जर्वेशन दिए। SEBI की प्रक्रिया में ऑब्जर्वेशन मिलना IPO को आगे बढ़ाने की नियामकीय मंजूरी के बराबर माना जाता है।
नैक पैकेजिंग का IPO फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल का जोड़ है। कंपनी 475 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी, जबकि प्रमोटर्स और एक मौजूदा शेयरधारक 70 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे। फ्रेश इश्यू में से करीब 435 करोड़ रुपये गुजरात के मेहसाना जिले के कड़ी के पास बोरिसाना में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में खर्च होंगे। बाकी रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए रखी जाएगी।
शिवालय कंस्ट्रक्शन का IPO भी फ्रेश इश्यू और OFS का मिश्रण है। इसमें 450 करोड़ रुपये का नया इश्यू और प्रमोटर्स की ओर से 2.48 करोड़ शेयरों की बिक्री शामिल है। कंपनी इस राशि में से करीब 340 करोड़ रुपये अपने कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी, जबकि शेष रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी।
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राजकोट स्थित टाइल्स और बाथ वेयर बनाने वाली कंपनी वर्मोरा ग्रैनिटो का प्रस्तावित IPO 400 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू और 5.24 करोड़ शेयरों के OFS का संयोजन है। OFS में प्रमोटर्स और निवेशक कस्तुरा इन्वेस्टमेंट्स शामिल हैं। कंपनी 280 करोड़ रुपये अपनी सब्सिडियरी कंपनियों कवरटेक सेरामिका, वर्मोरा सैनिटरीवेयर्स और सिमोला टाइल्स के कर्ज चुकाने में लगाएगी, जबकि 40 करोड़ रुपये सामान्य कामकाज के लिए उपयोग होंगे।
बिहारी लाल इंजीनियरिंग का IPO 110 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू और 78.54 लाख शेयरों के OFS का मिश्रण है। इसमें प्रमोटर्स और निवेशक SG टेक इंजीनियरिंग शेयरों की बिक्री करेंगे। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का उपयोग पूंजीगत खर्च, कर्ज के भुगतान या पहले चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। यह कंपनी 1995 में पंजाब में बिहारी लाल इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के नाम से शुरू हुई थी। साल 2024 में इसे पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदला गया और नाम बदलकर बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड कर दिया गया।
जहां चार कंपनियों को मंजूरी मिली है, वहीं इन्फो फ्रेश फूड्स ने अपना IPO प्लान फिलहाल टाल दिया है। कंपनी ने अगस्त में SEBI के पास गोपनीय मार्ग से ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए थे, लेकिन बाद में अपना प्रॉस्पेक्टस वापस ले लिया।
साल 2025 में IPO बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनियों ने अब तक करीब 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसके पीछे घरेलू लिक्विडिटी की उपलब्धता, निवेशकों का भरोसा और मजबूत आर्थिक माहौल प्रमुख वजहें रहीं। इससे पहले 2024 में 90 कंपनियों ने करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि 2023 में 57 कंपनियों ने 49,436 करोड़ रुपये की फंडिंग की थी।
(PTI के इनपुट के साथ)