facebookmetapixel
Advertisement
भारत के ई-कॉमर्स बाजार में बदलाव, AI और ग्राहकों की जरूरतों पर बढ़ा फोकसभारत के रियल एस्टेट बाजार में सेंचुरी 21 की दस्तक, 126 शहरों में विस्तार की योजनाश्रीलंका पहुंचे राजनाथ सिंह, 38 साल बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की यात्रा; संबंधों को मिलेगी नई धारCCI की जांच में बिल्डर्स एसोसिएशन को मिली जगह, दिल्ली हाईकोर्ट ने अल्ट्राटेक की याचिका खारिज कीUPI के बढ़ते दबदबे के बीच VISA की नई रणनीति, कार्ड से आगे टोकनाइजेशन और रिस्क इंटेलिजेंस पर फोकस₹37,500 करोड़ की कोयला से गैस बनाने वाली स्कीम को मिला जोरदार रिस्पॉन्स, अदाणी सबसे आगेराव से मोदी तक जारी रही सुधारों की रफ्तार, 1991 की आर्थिक क्रांति ने बदली भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीरवैश्विक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई ताकत, Q1 में 7.8% की तेज बढ़ोतरी: PM मोदीमेटा इंडिया के खिलाफ अब औपचारिक जांच की तैयारी, बच्चों की सुरक्षा और CSAM मामले में बढ़ीं मुश्किलें₹73,000 करोड़ का पश्चिमी DFC देश को समर्पित, UP के दादरी से मुंबई के JNPA तक माल ढुलाई होगी तेज

IPO: इक्विटी फंडों का आईपीओ पर जोर

Advertisement
Last Updated- December 18, 2022 | 11:24 PM IST
Laxmi Dental IPO

इक्विटी म्युचुअल फंडों (एमएफ) ने नई शेयर बिक्री में निवेश करने के लिए सेकंडरी बाजार से अपनी शेयरधारिता घटाई है। न्यूवामा वेल्थ मैनेजमेंट द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़े के अनुसार, म्युचुअल फंडों ने नवंबर में आए आठ आईपीओ 3,300 करोड़ रुपये का निवेश किया। पिछले महीने उनका कुल इक्विटी निवेश 1,700 करोड़ रुपये पर रहा, जिसमें आईपीओ शामिल नहीं हैं। वहीं इक्विटी फंडों ने 1,600 करोड़ रुपये की बिकवाली की।

न्यूवामा वेल्थ मैनेजमेंट के प्रमुख (अल्टरनेटिव एंड क्वांटीटेटिव रिसर्च) अभिलाष पगारिया ने कहा, ‘म्युचुअल फंडों ने सेकंडरी बाजार के मुकाबले आईपीओ पर दांव लगाना पसंद किया।’ उनके द्वारा कराए गए विश्लेषण के अनुसार, म्युचुअल फंडों ने ग्लोबल हेल्थ (मेदांता) और आर्चियन केमिकल इंडस्ट्रीज (आर्चियन केमिकल्स) में 900-900 करोड़ रुपये का निवेश किया।

आईपीओ में निवेश वृद्धि ज्यादा सौदों के बीच दर्ज की गई है। प्राइम डेटाबेस के अनुसार, दिसंबर 2021 के बाद से सौदों की मात्रा के संदर्भ में 2022 का नवंबर आईपीओ के लिए अच्छा महीना था। करीब 10 आईपीओ ने 10,566 करोड़ रुपये जुटाए हैं।हालांकि म्युचुअल फंडों के प्राथमिक बाजार की तरफ बढ़ते रुझान के बाद भी सेकंडरी बाजार अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहे हैं, क्योंकि उन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के मजबूत निवेश से मदद मिली है।

एफपीआई से आने वाला निवेश रहा सकारात्मक

वैश्विक फंडों ने इक्विटी कैश सेगमेंट में करीब 35,000 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे निफ्टी को 4.1 प्रतिशत चढ़कर नई ऊंचाई छूने में मदद मिली। सकारात्मक एफपीआई प्रवाह के लिहाज से यह 2022 का तीसरा महीना था। एक फंड प्रबंधक ने कहा, ‘घरेलू बाजारों के लिए घरेलू तरलता, खासकर फंड प्रवाह में इजाफा हुआ है। यदि ज्यादा आईपीओ आते हैं तो सेकंडरी बाजार से तरलता में निकासी आएगा और उस सेगमेंट के प्रदर्शन पर दबाव पड़ेगा।’

नवंबर में, सक्रिय इक्विटी एमएफ योजनाओं में शुद्ध प्रवाह 2,260 करोड़ रुपये के साथ घटकर 21 महीने के निचले स्तर पर रह गया था। फंड प्रबंधक ने कहा, ‘जहां आईपीओ में 3,300 करोड़ रुपये का निवेश कम लग रहा है, वहीं महीने के लिए कुल शुद्ध प्रवाह को देखते हुए यह मजबूत दिख रहा है।’

घरेलू फंड प्रबंधकों ने मजबूत एफपीआई प्रवाह के दौरान निवेश पर ज्यादा तेजी नहीं दिखाई। नवंबर में आईपीओ दांव सफल साबित हुए। जिन आठ कंपनियों में म्युचुअल फंडों ने निवेश किया, उनमें सिर्फ दो के शेयर ही अपने निर्गम भाव से नीचे हैं, जबकि मेदांता, आर्चियन केमिकल्स, और बीकाजी फूड्स इंटरनैशनल जैसे प्रमुख निर्गमों में शेयर मौजूदा समय में उनके निर्गम भाव से 25 प्रतिशत से नीचे कारोबार कर रहे हैं।

Advertisement
First Published - December 18, 2022 | 6:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement